नयी दिल्ली, 19 जुलाई (भाषा) उच्चतम न्यायालय राष्ट्रीय राजधानी में वार्ड के परिसीमन के आधार पर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) चुनाव स्थगित किए जाने को चुनौती देने वाली आम आदमी पार्टी (आप) की अर्जी पर बुधवार को सुनवाई के लिए तैयार हो गया।
प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण, न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने आप के वकील की अर्जी का संज्ञान लिया कि तीनों एमसीडी का एकीकरण और फिर परिसीमन कवायद निगम चुनावों को स्थगित करने के लिए एक वैध आधार नहीं हो सकता है।
आप की तरफ से पेश वकील शादान फरासात ने पीठ से कहा ‘‘परिसीमन निगम चुनावों में देरी का आधार नहीं हो सकता। कृपया इस अर्जी को कल न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष लंबित अवमानना याचिका के साथ सूचीबद्ध करने का आदेश दें।
न्यायमूर्ति खानविलकर की अध्यक्षता वाली पीठ निगम चुनाव नहीं कराने के लिए अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रही है। वकील ने आप की अर्जी को लंबित याचिका के साथ जोड़ने का अनुरोध किया जिस पर बुधवार को सुनवाई होगी।
प्रधान न्यायाधीश ने अवमानना याचिका के साथ अर्जी को सूचीबद्ध करने का आदेश दिया। दिल्ली के तीनों नगर निगमों के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा इस साल मार्च में टाल दी गई थी और बाद में, केंद्र एमसीडी के एकीकरण के लिए एक विधेयक लाया। दिल्ली में नगर निगम के वार्ड के परिसीमन की प्रक्रिया जारी है।
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