नयी दिल्ली, 29 मार्च (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने आंध्र प्रदेश सरकार और अन्य से बुधवार को उस याचिका पर जवाब मांगा, जो प्रमुख तेलुगू दैनिक ‘‘इनाडु’’ को प्रकाशित करने वाली एक कंपनी द्वारा दायर की गई है। इस याचिका में समाचारपत्र‘‘साक्षी’’ की बिक्री बढ़ाने के ‘‘उद्देश्य’’ वाले एक सरकारी आदेश (जीओ) को चुनौती दी गई है जो कथित तौर पर मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी के स्वामित्व वाली एक अन्य कंपनी द्वारा प्रकाशित समाचार पत्र है।
प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी द्वारा दी गई दलीलों पर गौर किया। रोहतगी मामले में उशोदया पब्लिकेशंस की ओर से पेश हुए, जिसके पास ‘‘इनाडु’ का स्वामित्व है। रोहतगी ने कहा कि सरकारी आदेश ने समानता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किया है।
कंपनी ने अपील आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के एक आदेश के खिलाफ दायर की है, जिसने विवादित सरकारी आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। कंपनी ने आरोप लगाया कि दक्षिणी राज्य में ‘‘साक्षी’’ खरीदने के लिए गांव और वार्ड के कार्यकर्ताओं को भत्ता दिया जा रहा है।
रोहतगी ने ‘‘इनाडु’’ के खिलाफ मुख्यमंत्री की ओर से की गई टिप्पणी का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘राज्य सरकार ने यह भी कहा है कि इनाडु पीत पत्रकारिता करता है और इसलिए, इसका चयन नहीं करें। यह राज्य की ओर से एक दुष्प्रचार है।’’
पीठ ने राज्य सरकार और अन्य को नोटिस जारी किया और मामले की आगे की सुनवाई के लिए 10 अप्रैल की तारीख तय की।
भाषा अमित पवनेश
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