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Wednesday, 15 April, 2026
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अदालत ने दाखिले में अति-तकनीकी आधार अपनाने पर जवाहर नवोदय विद्यालय योजना अधिकारियों की खिंचाई की

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मुंबई, 20 फरवरी (भाषा) बंबई उच्च न्यायालय ने पांच छात्रों के दाखिले से जुड़े एक मामले में सवाल किया कि जब पात्र लोगों को ‘अति तकनीकी आधार’ पर शिक्षा से वंचित कर दिया गया तो क्या इससे महाराष्ट्र सरकार की जवाहर नवोदय विद्यालय योजना के लक्ष्य की प्राप्ति होगी।

न्यायमूर्ति गौतम पटेल और न्यायमूर्ति नीला गोखले की खंड पीठ ने 17 फरवरी को एक आदेश पारित करके जवाहर नवोदय विद्यालय, रत्नागिरि में कक्षा छह में दाखिला पाने वाले 11 साल के पांच छात्रों का प्रवेश रद्द करने वाले संबंधित प्राधिकार के नवंबर, 2021 के आदेश को रद्द कर दिया।

याचिका के अनुसार, मूलरूप से कोल्हापुर के रहने वाले ये पांच छात्र रत्नागिरि के सरकारी स्कूल में पांचवीं के छात्र थे। उनका दावा है कि उन्होंने जवाहर नवोदय विद्यालय, रत्नागिरि में छठी कक्षा में दाखिले के लक्ष्य से जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा (जेएनवीएसटी) में शामिल होने के लिए आवेदन दिया था।

जेएनवीएसटी-2021 पहले मार्च 2021 में होनी था, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण परीक्षा की तारीख तीन बार बदली और अंतत: परीक्षा अगस्त, 2021 में हुई।

याचिका दायर करने वाले पांचों छात्रों का नाम 28 सितंबर, 2021 को घोषित दाखिला परीक्षा परीणाम में सफल अभ्यर्थियों की सूची में आया। उन्होंने अपने सभी दस्तावेज ऑनलाइन जमा कराए और उन्हें दाखिला मिल गया।

लेकिन नवंबर, 2021 में तमाम कारण बताते हुए उनका दाखिला रद्द कर दिया गया जैसे दाखिले के वक्त वे लोग पांचवी कक्षा में पढ़ रहे थे और वे लोग कोल्हापुर के रहने वाले हैं, ऐसे में रत्नागिरि के स्कूल में उन्हें दाखिला नहीं मिल सकता है।

पीठ ने हालांकि, इस कारणों को स्वीकार करने से मना कर दिया और कहा कि सिर्फ यह दोहराना कि माता-पिता कोल्हापुर जिले में रहते हैं, पर्याप्त नहीं है।

अदालत ने कहा, ‘‘ऐसा कोई कानून नहीं है कि बच्चे को शिक्षा के लिए गृहनगर से बाहर नहीं भेजा जा सकता।’’

पीठ ने कहा कि दाखिला मिलने के बाद उसे इस आधार पर रद्द नहीं किया जा सकता है कि साल पूरा नहीं हुआ था (क्योंकि महामारी के कारण शिक्षण सत्र देरी से शुरू हुआ था।’’

भाषा अर्पणा अविनाश

अविनाश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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