हैदराबाद, 24 अक्टूबर (भाषा) हैदराबाद में शनिवार को एक मंदिर से भगवान राम की बड़ी प्रतिमा हटाए जाने के बाद राजनीतिक विवाद पैदा हो गया और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तथा विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने इस कदम को लेकर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा।
यह प्रतिमा यहां दशहरा उत्सव के दौरान बशीरबाग स्थित देवी कनक दुर्गा मंदिर में स्थापित की गई थी।
विहिप के नेताओं ने उस समय घोषणा की थी कि इस इलाके को बशीरबाग के बजाय श्रीराम चौक के नाम से जाना जायेगा।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मंदिर प्रबंधन समिति ने शनिवार को प्रतिमा हटा दी।
सूत्रों ने कहा कि दशहरा उत्सव संपन्न होने के बाद प्रतिमा हटाना सामान्य प्रक्रिया है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने कहा कि लोग प्रतिमा हटाने के लिए कांग्रेस सरकार को न तो भूलेंगे और न ही माफ करेंगे।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ यह पहली बार नहीं है जब किसी कांग्रेस सरकार ने भगवान श्रीराम की प्रतिमा हटाने की कोशिश की है। वर्ष 1949 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार पर अयोध्या में रामलला की प्रतिमा हटाने के लिए दबाव डाला था। आज उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का सफाया हो चुका है।’’
उन्होंने कहा कि बशीरबाग में प्रतिमा हटाए जाने के बाद तेलंगाना में भी कांग्रेस का यही हश्र होगा।
विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता रविनुथला शशिधर ने कहा कि भविष्य में मंदिर में 108 फुट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि वह दिन दूर नहीं, जब हैदराबाद समेत राज्य के कई शहरों के पुराने नाम बहाल किए जाएंगे।
भाषा देवेंद्र शोभना
शोभना
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