नयी दिल्ली, 16 दिसंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने इंदौर में कॉलेज के पुस्तकालय में एक विवादित किताब रखने के आरोप में कॉलेज के प्राचार्य और अन्य के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के सिलसिले में शुक्रवार को प्राचार्य की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी।
प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा की पीठ ने मध्य प्रदेश सरकार और अन्य को नोटिस जारी किया।
पीठ ने कहा, ‘‘अगले आदेश तक मामले के संबंध में याचिकाकर्ता की गिरफ्तारी पर रोक रहेगी।’’
‘‘सामूहिक हिंसा एवं दाण्डिक न्याय पद्धति’’ नामक पुस्तक को राजकीय नवीन विधि कॉलेज के पुस्तकालय में रखा गया था।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा पारित एक आदेश के खिलाफ प्राचार्य इनामुर्रहमान ने शीर्ष अदालत का रुख किया था।
याचिका में कहा गया है, ‘‘याचिकाकर्ता शासकीय विधि कॉलेज, इंदौर के प्राचार्य है और उन्हें मध्य प्रदेश में इंदौर के भवरकुआं पुलिस थाने में दर्ज मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है।’’
गौरतलब है कि इस पुस्तक को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) नेता लकी आदिवाल (28) ने पुस्तक की लेखिका और इंदौर स्थित प्रकाशक अमर लॉ पब्लिकेशन के साथ ही प्राचार्य इनामुर्रहमान और प्राध्यापक मिर्जा मोजिज बेग के खिलाफ तीन दिसंबर को प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
एबीवीपी का आरोप है कि कानून के छात्रों को पढ़ाई जा रही किताब में हिंदू समुदाय और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक सामग्री है।
भाषा
देवेंद्र पवनेश
पवनेश
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