नयी दिल्ली, 23 सितंबर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने संपत्ति के निरीक्षण के दौरान अदालत द्वारा नियुक्त स्थानीय आयुक्त पर कुत्ते छोड़कर उनके काम में बाधा डालने के मामले में दो लोगों को अवमानना नोटिस जारी किया है।
न्यायमूर्ति अमित बंसल ने दोनों लोगों को चार सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल कर यह बताने को कहा है कि अदालत के आदेशों का जानबूझकर उल्लंघन करने के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए। अदालत ने उन्हें 19 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का भी निर्देश दिया है।
उच्च न्यायालय ने जुलाई में स्थानीय आयुक्त को यह सत्यापित करने का निर्देश दिया था कि महरौली इलाके में स्थित उक्त संपत्ति पर कोई निर्माण कार्य किया जा रहा है या नहीं।
अदालत में पेश अपनी रिपोर्ट में, पेशे से वकील ‘स्थानीय आयुक्त’ ने कहा कि जब वह संपत्ति विवाद से जुड़े एक मामले में उच्च न्यायालय के आदेश के तहत निरीक्षण करने पहुंचीं, तो उन पर आक्रामक लहजे में अभद्र टिप्पणियां की गईं।
रिपोर्ट में कहा गया कि संपत्ति परिसर में बने केनेल से दो कुत्तों को बाहर छोड़ दिया गया और उनके साथ आए हेड कांस्टेबल के हस्तक्षेप के बाद उन्हें वापस बाड़े में बंद किया गया।
अदालत ने 18 सितंबर को पारित आदेश में कहा, ‘‘यह एक गंभीर मामला है, जहां इस अदालत द्वारा नियुक्त स्थानीय आयुक्त और उनके साथ गए फोटोग्राफर पर कुत्ते छोड़ दिए गए। स्थानीय आयुक्त ने अपनी रिपोर्ट के साथ तस्वीरें और वीडियो भी रिकॉर्ड पर रखे हैं, जो अधिकारी के कार्य में बाधा डालने को दर्शाते हैं।’’
अदालत ने कहा, ‘‘स्थानीय आयुक्त द्वारा उजागर किया गया अपीलकर्ताओं का आचरण एक गंभीर मुद्दा है और प्रथम दृष्टया यह दिखाता है कि उन्होंने इस अदालत द्वारा नियुक्त अधिकारी के काम में बाधा उत्पन्न की।’’
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