शिमला, दो मार्च (भाषा) कांग्रेस ने बुधवार को हिमाचल प्रदेश विधानसभा से उस समय बहिर्गमन किया जब मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा के जवाब में कहा कि पिछली सरकार ने उनकी सरकार की तुलना में अधिक कर्ज लिया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कांग्रेस की पिछली सरकार के दौरान हिमाचल प्रदेश पर ऋण में 67 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी, जबकि मौजूदा सरकार के दौरान यह संख्या 32 प्रतिशत है। इस तथ्य के बावजूद कि कोविड-19 महामारी के कारण राज्य की अर्थव्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हुई है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश इस समय 63,200 करोड़ रुपये के कर्ज के बोझ का सामना कर रहा है। ठाकुर ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2017-18 तक राज्य पर लगभग 48,000 करोड़ रुपये का कर्ज था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार ने अपने पांच साल के कार्यकाल में 2012-13 से 2017-18 तक 28,707 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था।
ठाकुर ने आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकार ने आम जनता के लिए कोई बड़ी कल्याणकारी योजना शुरू नहीं की थी, जबकि मौजूदा सरकार ने वृद्धावस्था पेंशन की उम्र 80 वर्ष से घटाकर 70 वर्ष करने सहित कई योजनाएं शुरू की हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अवैध खनन में शामिल लोगों की संपत्ति को जब्त करने का फैसला किया है।
ठाकुर ने मौजूदा सरकार द्वारा शुरू किए गए जन मंच कार्यक्रम के बारे में बात करते हुए कहा कि 242 जन मंच कार्यक्रमों के दौरान लोगों के घर जाकर कुल 83,478 जन शिकायतों का समाधान किया गया।
इसके अलावा मुख्यमंत्री सहारा योजना के तहत 18,218 लोगों की मदद की गई है।
इससे पहले सदन में चर्चा में भाग लेते हुए, कांग्रेस विधायक सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार यूक्रेन से भारतीय छात्रों को समय पर निकालने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के करीब 10-11 छात्र अभी तक खारकीव में फंसे हुए हैं।
भाषा रवि कांत माधव
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