नयी दिल्ली, पांच जनवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को कहा कि 2020 के दिल्ली दंगों के मामले में आरोपियों उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार करने का उच्चतम न्यायालय का आदेश कांग्रेस के मुंह पर एक ‘‘करारा तमाचा’’ है। साथ ही पार्टी ने विपक्षी दल से ‘‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’’ का समर्थन करने के लिए माफी मांगने को कहा।
भाजपा ने खालिद और इमाम को भारत में विभाजनकारी ताकतों के ‘पोस्टर ब्वॉय’ बताते हुए दावा किया कि उन्हें बचाने के लिए कांग्रेस का पूरा तंत्र उन्हें ‘‘निर्दोष पीड़ित’’ के रूप में पेश कर रहा है।
उच्चतम न्यायालय ने 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश से जुड़े मामले में खालिद और इमाम को जमानत देने से सोमवार को इनकार कर दिया और कहा कि उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत प्रथम दृष्टया मामला बनता है।
न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति एन वी अंजारिया की पीठ ने इस मामले में हालांकि अन्य आरोपियों गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को जमानत दे दी।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने उच्चतम न्यायालय के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘सत्यमेव जयते।’’
उन्होंने कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय ने कार्यकर्ताओं उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार कर दिया। आरोप प्रथम दृष्टया सही हैं।’’
पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस को ‘‘अफजल से लेकर उमर और शरजील तक टुकड़े-टुकड़े गैंग’’ का समर्थन करने के लिए माफी मांगनी चाहिए।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने शीर्ष अदालत के फैसले को राहुल गांधी और कांग्रेस के परिवेशी तंत्र के चेहरे पर ‘‘करारा तमाचा’ बताते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने ‘‘टुकड़े-टुकड़े के ‘पोस्टर ब्वॉय’ उमर खालिद और शरजील इमाम को निर्दोष पीड़ित’’ के रूप में पेश किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि जनमत की अदालत और कानून की अदालत में गांधी के ‘‘अर्बन नक्सली’’ पराजित हुए हैं।
भंडारी ने कहा, ‘‘क्या कांग्रेस भारत के लिए शत्रुतापूर्ण टुकड़े-टुकड़े ताकतों को पीड़ित के रूप में पेश करने के लिए देश से माफी मांगेगी?’’
भाषा सिम्मी मनीषा
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