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भोपाल, 20 अप्रैल (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को महिला आरक्षण से संबंधित विधेयक के लोकसभा में पारित न होने को लेकर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों की ‘महिला विरोधी मानसिकता’ को दोषी करार दिया और कहा कि आने वाले चुनावों में इन दलों को अपने कर्मों की कीमत चुकानी होगी।
यादव ने इस मुद्दे पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा की भी आलोचना की और उनसे सवाल किया कि ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ के उनके उस नारे का क्या हुआ, जिसके जरिए वह महिलाओं के हक की आवाज उठाने का दावा किया करती थीं।
मुख्यमंत्री, राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई के आह्वान पर निकाली गई ‘जन-आक्रोश महिला पदयात्रा’ में भाग लेने के बाद आयोजित एक सभा को संबोधित कर रहे थे।
यह पदयात्रा लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण से जुड़े नारी शक्ति वंदन अधिनियम से संबंधित विधेयक के लोकसभा से पारित नहीं हो पाने के विरोध में निकाली गयी।
यादव ने कहा, ‘‘विपक्षी दलों ने हमारी बहनों के अधिकार छीनने का काम किया है। नारी शक्ति वंदन विधेयक को जिस तरह से सदन में गिराया गया, उससे स्पष्ट है कि वे नहीं चाहते कि हमारी बहनों को उनका अधिकार मिले, लेकिन अब हमारी बहनें चुप नहीं बैठेंगी। हम लोकतांत्रिक तरीके से, सड़क से लेकर संसद तक अपनी बहनों के साथ मिलकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का विरोध करेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस को अपने कर्मों की कीमत चुकानी होगी।’’
यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने महिला कार्यकर्ताओं के साथ स्थानीय एमवीएम कॉलेज ग्राउंड से रोशनपुरा चौराहे तक पदयात्रा में हिस्सा लिया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर वाद्रा की आलोचना की और कहा, ‘‘कांग्रेस ने महिला आरक्षण विधेयक को पारित नहीं होने दिया और फिर इसका मजाक भी उड़ाया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा को तो शर्म आनी चाहिए। वह बड़े-बड़े दावे करती थी और कहती थी कि ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’। अब वे बड़े वादे कहां गए? उन्होंने महिलाओं के अधिकारों का गला घोंटा है।’’
यादव ने कहा कि कांग्रेस ने आजादी के समय से ही समाज सुधार से जुड़े पहलों का विरोध किया और उस परम्परा को उसने अब तक जिंदा रखा है।
उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि प्रियंका और राहुल के पिता ने भी तीन तलाक कानून के जरिए महिलाओं के अधिकारों को छीना था।
उन्होंने महिलाओं से कहा कि देश आज उनके आक्रोश को देख रहा है।
उन्होंने महिलाओं से कहा, ‘‘आपके अधिकारों की यह आग बुझनी नहीं चाहिए। कांग्रेस और उसके साथी विपक्षी दलों ने महिलाओं के अधिकारों को छीना है। यह उनकी महिला विरोधी मानसिकता का नतीजा है।’’
उन्होंने कहा कि संविधान निर्माता बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर ने महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई शुरू की।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी से लेकर अटल बिहारी वाजपेयी और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई लड़ी।
यादव ने कहा कि उनकी पार्टी को उम्मीद थी कि सभी पार्टियां इस संविधान संशोधन विधेयक का समर्थन करेंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
उन्होंने कहा, ‘‘जो लोग देश की आधी आबादी की इच्छा को दबाते हैं, उन्हें कब्र से निकाला जाएगा और दंडित किया जाएगा। आपने हमारी बहनों के साथ अन्याय किया है। ये बहनें आपको माफ नहीं करेंगी।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा देश की महिलाओं के साथ खड़ी है और लोकसभा में विपक्ष के रवैये के मद्देनजर हर जगह निंदा प्रस्ताव पारित किए जाएंगे और विधानसभा का विशेष सत्र भी बुलाया जाएगा।
खंडेलवाल ने इस अवसर पर कहा कि महिला आरक्षण विधेयक कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है बल्कि यह महिलाओं के अधिकार से जुड़ा है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष ने इसका समर्थन नहीं किया जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चाहते थे कि महिलाओं को उनके अधिकार मिलें।
भाषा ब्रजेन्द्र राजकुमार
राजकुमार
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