चंडीगढ़, 20 मार्च (भाषा) कांग्रेस ने हरियाणा के अपने एक विधायक को हाल में हुए राज्यसभा चुनावों में कथित ‘क्रॉस-वोटिंग’ के आरोप में शुक्रवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
पार्टी ने इससे पहले राज्य के चार अन्य विधायकों को भी इसी तरह के नोटिस जारी किए थे।
कांग्रेस की प्रदेश इकाई अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति के अध्यक्ष धर्मपाल मलिक ने रतिया से विधायक जरनैल सिंह को नोटिस सौंपा।
समिति के सदस्य सचिव रोहित जैन ने इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए कहा कि चुनाव के दौरान सिंह के आचरण के संबंध में कार्रवाई की गई है।
जरनैल सिंह ने आरोपों का खंडन करते हुए खुद को पार्टी का अनुशासित सिपाही बताया। उन्होंने दावा किया कि यह कदम उन्हें बदनाम करने की कोशिश है और कहा कि उन्होंने प्रक्रिया के अनुसार पार्टी के अधिकृत प्रतिनिधि को अपना चिह्नित मतपत्र दिखाया था।
आधिकारिक नोटिस में ‘दल विरोधी गतिविधियों’ का हवाला देते हुए आरोप लगाया गया है कि 16 मार्च, 2026 को हुए चुनाव के दौरान, सिंह ने निर्धारित प्रक्रिया और आधिकारिक निर्देशों के विपरीत तरीके से अपना वोट डाला, जिसके परिणामस्वरूप उनका वोट अमान्य हो गया।
सिंह को सात दिन के भीतर यह बताने को कहा गया है कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं शुरू की जानी चाहिए।
हरियाणा से राज्यसभा की दो सीटों के लिए सोमवार को मतदान हुआ।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संजय भाटिया ने एक सीट आसानी से जीत ली, जबकि कांग्रेस के उम्मीदवार करमवीर सिंह बौध ने निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के खिलाफ कड़े मुकाबले में दूसरी सीट हासिल की। निर्वाचन अधिकारी द्वारा अमान्य घोषित किए गए पांच वोट में से चार कथित तौर पर कांग्रेस विधायकों द्वारा डाले गए थे।
बुधवार को पार्टी ने नारायणगढ़ की विधायक शैली चौधरी, सधौरा की विधायक रेणु बाला, पुन्हाना के विधायक मोहम्मद इलियास और हथीन के विधायक मोहम्मद इसराइल सहित चार विधायकों के नाम लिए थे, जिन पर आधिकारिक रुख का उल्लंघन करने का संदेह है।
शैली चौधरी और रेणु बाला ने बृहस्पतिवार को इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि उनके नामों को अनावश्यक रूप से विवाद में घसीटा जा रहा है।
भाषा आशीष पवनेश
पवनेश
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