नयी दिल्ली, 22 मार्च (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को दिल्ली सरकार से कहा कि वह कार्य के दौरान कोविड-19 से जान गंवाने वाले पुलिस कांस्टेबल के परिवार को एक करोड़ रुपये के मुआवजे के भुगतान से संबंधित अपने आदेश को नए मंत्री समूह (जीओएम) के समक्ष प्रस्तुत करे।
दिल्ली सरकार ने उच्च न्यायालय को सूचित किया कि मंत्रिमंडल में बदलाव के बाद जीओएम का पुनर्गठन किया जा रहा है तथा उसने मुआवजे के विषय पर अपने निर्णय की जानकारी देने के लिए कुछ समय भी मांगा।
उच्च न्यायालय उस पुलिसकर्मी की पत्नी की याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसकी ड्यूटी के दौरान पांच मई, 2020 को कोविड-19 के कारण मौत हो गयी थी। उस पुलिसकर्मी की पत्नी गर्भवती थी।
मृतक पुलिसकर्मी दीप चंद बंधु अस्पताल में तैनात था ताकि कोविड-19 के मद्देनजर लागू किए गए लॉकडाउन संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
उच्च न्यायालय ने फरवरी में कहा था कि एक करोड़ रुपये के मुआवजे के लिए परिवार के दावे के मामले को रोके रखने का दिल्ली सरकार का फैसला ‘उचित नहीं’ था।
इस मामले पर सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने बुधवार को कहा कि अगर अधिकारी फैसला नहीं लेते हैं, तो अदालत को मुआवजे को लेकर आदेश जारी करना होगा।
उच्च न्यायालय ने कहा, ‘‘ 23 फरवरी और आज के आदेश को जीओएम के समक्ष रखा जाए ताकि एक माह के भीतर इस मामले में निर्णय लिया जा सके। ’’
याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि अधिकारी बिना किसी कारण के इस मामले में देरी कर रहे हैं।
भाषा रवि कांत पवनेश
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