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Wednesday, 11 March, 2026
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वाणिज्यिक सिलेंडर प्राथमिकता के आधार पर, व्यावसायिक उपयोग के लिए लकड़ी उपलब्ध कराएगी सरकार

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देहरादून, 11 मार्च (भाषा) उत्तराखंड सरकार ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण गैस आपूर्ति में संभावित व्यवधान की आशंका के बीच बुधवार को अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर वाणिज्यिक गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया।

सरकार ने साथ ही आवश्यकता पड़ने पर व्यावसायिक उपयोग के लिए लकड़ी उपलब्ध कराने की तैयारी भी शुरू कर दी है।

प्रदेश के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में वर्तमान परिस्थितियों के मद्देनजर एक समीक्षा बैठक की।

बैठक में सभी जिलों के अधिकारी और तेल एवं गैस कंपनियों के राज्य स्तरीय समन्वयक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शामिल हुए।

यहां जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, बैठक में निर्णय लिया गया कि वाणिज्यिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को की जाएगी।

बैठक में फैसला लिया गया कि फिलहाल होटल, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को इन सिलेंडरों की आपूर्ति सीमित रखी जाएगी ताकि आवश्यक सेवाओं में किसी प्रकार की बाधा न आए।

विज्ञप्ति के मुताबिक, मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है और किसी भी प्रकार की कमी नहीं है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अफवाहों पर कड़ी नजर रखी जाए और किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था प्रभावित न होने दी जाए।

बर्द्धन ने गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश देते हुए जिलों में नियमित छापेमारी अभियान चलाने को कहा।

साथ ही तहसील स्तर पर उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता में त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) गठित करने के भी निर्देश दिए गये।

उन्होंने अधिकारियों से जिलों में कार्यरत तेल कंपनियों और गैस एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने को भी कहा।

बैठक में इंडियन ऑयल के राज्य स्तरीय समन्वयक कृष्ण कुमार गुप्ता और स्वर्ण सिंह ने जानकारी दी कि राज्य में घरेलू गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है और फिलहाल किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है।

मुख्य सचिव ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व गैस सिलेंडरों की कमी को लेकर अफवाह फैलाने की कोशिश कर सकते हैं।

उन्होंने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर फैलाए जा रहे ऐसे भ्रामक प्रचार पर तुरंत रोक लगाने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

इस बीच, राज्य सरकार ने संभावित गैस संकट से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में व्यावसायिक उपयोग के लिए लकड़ी उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू कर दी है।

प्रदेश के वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए गैस आपूर्ति में कमी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

उन्होंने बताया कि इस स्थिति से निपटने के लिए उत्तराखंड वन विकास निगम को लकड़ी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि आवश्यकता पड़ने पर इसे व्यावसायिक गतिविधियों के लिए वैकल्पिक ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सके।

भाषा दीप्ति जितेंद्र

जितेंद्र

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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