रांची/कोलकाता/लखनऊ, 11 जून (भाषा) पैगंबर मोहम्मद पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दो पूर्व पदाधिकारियों की टिप्पणी को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शन के दौरान झारखंड की राजधानी रांची में गोली लगने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पश्चिम बंगाल के हावड़ा में शनिवार को फिर से हिंसा भड़क गई। वहीं, देशभर में कल हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के एक दिन बाद भी कई जगह तनाव की स्थिति बनी हुई है।
भाजपा ने टिप्पणी करने वाले अपने पदाधिकारियों-नुपुर शर्मा और नवीन कुमार जिंदल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया था।
अधिकारियों ने शुक्रवार को हुई झड़पों के बाद प्रभावित जिलों में इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी और सुरक्षा कड़ी कर दी। प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के क्रम में अकेले उत्तर प्रदेश में 250 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में भी मामले दर्ज किए गए हैं।
हिंसा के खिलाफ हिंदू संगठनों के आह्वान पर झारखंड की राजधानी में शनिवार को बंद रखा गया। इस दौरान जिले में लगभग 2,500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया और इंटरनेट सेवाओं को निलंबित रखा गया।
झारखंड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दो सदस्यीय समिति का गठन किया है जिसमें वरिष्ठ आईएएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा) अधिकारी अमिताभ कौशल और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक संजय लाटकर शामिल हैं। समिति हिंसा की जांच करेगी जिसमें दो लोगों की मौत हो गई है और कम से कम 24 अन्य घायल हो गए।
उन्होंने कहा कि समिति को एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपने को कहा गया है।
सरकारी राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) के एक अधिकारी ने रांची में बताया कि मोहम्मद मुदस्सर कैफी (22) के सिर पर गोली लगने के घाव थे और 24 वर्षीय मोहम्मद साहिल की गर्दन पर गोली लगी थी। दोनों की इलाज के दौरान मौत हो गई।
उन्होंने बताया कि ये दोनों रांची के निवासी थे।
अधिकारी ने कहा कि आठ अन्य लोग गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में भर्ती हैं।
रांची के पुलिस उपमहानिरीक्षक अनीश गुप्ता ने बताया कि घटना की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का भी गठन किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘अब तक तीन प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। हिंसा में शामिल लोगों की गिरफ्तारी के लिए तलाशी अभियान जारी है।’’
वहीं, दिल्ली में पुलिस उपायुक्त (मध्य) श्वेता चौहान ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने जामा मस्जिद के बाहर शुक्रवार को हुए प्रदर्शन के संबंध में भारतीय दंड संहिता की धारा 188 (लोक सेवक के विधिवत आदेश की अवज्ञा) के तहत मामला दर्ज किया है और आगे की जांच जारी है।
इस बीच, पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के पांचला बाजार इलाके में शनिवार को फिर हिंसा हुई, जहां प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़ गए और कई घरों में आग लगा दी तथा भाजपा के एक कार्यालय में भी तोड़फोड़ की।
हावड़ा जिले के कई हिस्सों में शुक्रवार को पथराव हुआ था, पुलिस वाहनों में आग लगा दी गई थी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया था।
पूरे जिले में 13 जून तक इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया गया है और 15 जून तक उलुबेरिया, डोमजूर और पांचला जैसे कई क्षेत्रों में सीआरपीसी (आपराधिक दंड प्रक्रिया संहिता) की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।
अधिकारियों ने शनिवार को मुर्शिदाबाद जिले के कुछ हिस्सों में भी इंटरनेट सेवाओं को 14 जून तक के लिए निलंबित कर दिया।
पश्चिम बंगाल सरकार ने इस बीच हावड़ा जिले के शीर्ष पुलिस अधिकारियों का तबादला कर दिया। हावड़ा जिले की मौजूदा स्थिति को लेकर राज्य सचिवालय में आयोजित एक आपात बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया।
वहीं, भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार को तब गिरफ्तार कर लिया गया जब वह हिंसा से प्रभावित हावड़ा जा रहे थे। उनकी गिरफ्तारी के बाद भाजपा कार्यकर्ता कोलकाता, उत्तर दिनाजपुर, कूच बिहार, बीरभूम और जलपाईगुड़ी जिलों में सड़कों पर उतर आए।
पुलिस ने बताया कि उत्तर दिनाजपुर के बालुरघाट से सांसद मजूमदार को विद्यासागर सेतु पर स्थित एक टोल प्लाजा के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘हावड़ा में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू है जहां मजूमदार प्रवेश करने का प्रयास कर रहे थे। उनके दौरे से कानून व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति पैदा हो सकती थी। एहतियात के तौर पर उन्हें गिरफ्तार किया गया।’’
मजूमदार ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की स्थिति कश्मीर की तरह हो गई है। उन्होंने खुद को हिरासत में लिए जाने से पहले संवाददाताओं से कहा, ‘‘पहले तो उन्होंने मुझे मेरे घर पर रोका। मुझे घर में नजरबंद कर दिया गया। बाद में, उन्होंने मुझे अपने आवास से निकलने की अनुमति दी। अब उन्होंने मुझे विद्यासागर सेतु पर रोक दिया है और मुझे गिरफ्तार कर लिया है।’’
कोलकाता के महापौर फरहाद हकीम ने भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नुपुर शर्मा की गिरफ्तारी की मांग की।
नुपुर शर्मा को भाजपा ने निलंबित और नवीन जिंदल को निष्कासित कर दिया है। पैगंबर को लेकर विवादित टिप्पणियों पर कई इस्लामी देशों में तीखी प्रतिक्रिया दी है और भारतीय उत्पादों के बहिष्कार का आह्वान किया गया हैं। भारतीय शहरों में भी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और शर्मा के खिलाफ कई प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की निलंबित प्रवक्ता नुपुर शर्मा को पैगंबर मोहम्मद के बारे में उनकी विवादास्पद टिप्पणी के लिए गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर किसी को भी हिंसा में शामिल नहीं होना चाहिए और न ही पुलिस को कानून अपने हाथ में लेना चाहिए। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि एक टीवी बहस के दौरान शर्मा की टिप्पणियों के बाद भाजपा ने उनके खिलाफ समय पर कार्रवाई नहीं की, जिससे एक बड़ा विवाद पैदा हो गया।
इस बीच, केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने लोगों, विशेषकर मुसलमानों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि सरकार तथा पुलिस देश में सांप्रदायिक हिंसा भड़काने की कोशिश करने वालों पर नजर रखे हुए हैं।
जम्मू कश्मीर में कश्मीरी यूट्यूबर फैसल वानी को शांति भंग करने और जनता में भय पैदा करने के आरोप में उस वक्त गिरफ्तार कर लिया गया जब उसने निलंबित भाजपा प्रवक्ता नुपुर शर्मा का सिर काटने संबंधी वीडियो सोशल मीडिया परपोस्ट किया।
वानी ने वीडियो को हटा दिया है और इसके लिए माफी मांगी है। गिरफ्तारी से पहले वानी ने एक और वीडियो पोस्ट किया था जिसमें उसने कहा था कि उसका लोगों या किसी धर्म की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था।
जम्मू में चिनाब घाटी के कुछ हिस्सों में हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद कर्फ्यू लगा हुआ है, जबकि कुछ मुस्लिम संगठनों ने एक दिन के बंद का आह्वान किया। भद्रवाह और किश्तवाड़ कस्बों सहित कई इलाकों में ब्रॉडबैंड और मोबाइल इंटरनेट सेवाएं एहतियातन बंद रहीं।
जम्मू के पीर पांचाल क्षेत्र के राजौरी और पुंछ जिलों से मिली खबरों में कहा गया है कि वहां बंद शांतिपूर्ण रहा।
इस बीच, उत्तर प्रदेश पुलिस ने बताया कि उसने विभिन्न जिलों से 255 लोगों को गिरफ्तार किया है। सहारनपुर और प्रयागराज में पुलिस अधिकारियों ने कहा कि गिरफ्तार लोगों के खिलाफ कड़े राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की जाएगी।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने शनिवार को एक बयान में कहा कि गिरफ्तार लोगों में से 68 को प्रयागराज में, 64 को सहारनपुर में और 50 को हाथरस में गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने कहा कि आंबेडकर नगर में 28, मुरादाबाद में 27, फिरोजाबाद में 13, अलीगढ़ में तीन और जालौन में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा, ‘‘पिछले कुछ दिनों में विभिन्न शहरों में माहौल खराब करने की अराजक कोशिशों में शामिल रहे असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सभ्य समाज में ऐसे असामाजिक लोगों के लिए कोई जगह नहीं है। किसी भी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन एक भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए।’’
जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने पैगंबर मोहम्मद के ‘‘अपमान’’ का विरोध करने को मुसलमानों का संवैधानिक अधिकार बताते हुए शनिवार को कहा कि पुलिस गोलीबारी, बुलडोजर का इस्तेमाल और ‘‘अंधाधुंध तरीके से लोगों को गिरफ्तार करके’’ इस अधिकार का हनन करना किसी भी लोकतांत्रिक सरकार के लिए ‘‘शर्म की बात’’ है।
इस बीच, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने मांग की कि हर मस्जिद और मदरसे में ‘‘अंदर और बाहर’’ उच्च गुणवत्ता के कैमरे लगाए जाने चाहिए।
महाराष्ट्र में भी शुक्रवार को हुए विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में कई मामले दर्ज किए गए।
इस बीच, भोपाल से भाजपा की सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने नुपुर शर्मा का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अगर कोई हिंदू देवताओं का अपमान करता है, तो ऐसे लोगों को ‘‘सच’’ बताया जाएगा।
ठाकुर की टिप्पणी के बाद, मध्य प्रदेश में विपक्षी कांग्रेस ने भाजपा से इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा।
हिंसक विरोध के मद्देनजर कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि उन्होंने पुलिस को राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी कदम उठाने का निर्देश दिया है।
भाषा सिम्मी सुभाष
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