नयी दिल्ली, 11 मार्च (भाषा) केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने द्वितीय अपीलों की सुनवाई में देरी से संबंधित जानकारी मांगने वाले आरटीआई आवेदनों के ‘‘अधूरे और त्रुटिपूर्ण’’ जवाब देने के लिए अपने अधिकारियों को फटकार लगाई है।
सीआईसी ने कहा कि अधिकारियों ने प्रश्नों का उत्तर देते समय ‘‘अपने विवेक का इस्तेमाल नहीं किया।’’
हालिया आदेश में, सूचना आयुक्त आनंदी रामलिंगम ने कहा कि संबंधित केंद्रीय लोक सूचना अधिकारियों (सीपीआईओ) द्वारा दिए गए जवाबों में अपीलकर्ता द्वारा उठाए गए मुद्दों का उचित समाधान नहीं किया गया और अनुरोधों को लेकर ‘‘टालमटोल भरा रवैया’’ अपनाया गया।
सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत आवेदनों में आयोग के समक्ष दूसरी अपीलों की सुनवाई और सूचीकरण में लगने वाले समय, सुनवाई में देरी के कारणों, शीघ्र सुनवाई की प्रक्रिया और मामलों के समय पर निपटान को सुनिश्चित करने के लिए सीआईसी द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी मांगी गई थी।
सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि अधिकारियों द्वारा दिए गए उत्तर या तो अधूरे थे या पूछे गए प्रश्नों का सीधा जवाब नहीं दिया गया था।
आयोग ने यह भी पाया कि जिस तरीके से जवाब दिए गए, उससे पता चलता है कि आरटीआई अनुरोधों की सावधानीपूर्वक जांच नहीं की गई थी।
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