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Thursday, 15 January, 2026
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छत्तीसगढ़: महासमुंद में धान बेचने के लिए टोकन नहीं मिलने पर किसान ने आत्महत्या की कोशिश की

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महासमुंद (छत्तीसगढ़), छह दिसंबर (भाषा) छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में समर्थन मूल्य पर अपना धान बेचने के लिए जरूरी टोकन नहीं मिलने से परेशान 65 वर्षीय किसान ने शनिवार को अपना गला काटकर कथित तौर पर आत्महत्या करने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि घटना शनिवार सुबह बागबाहरा विकासखंड के सेनभाठा गांव में हुई, जिसके बाद किसान मनबोध गाड़ा को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

उन्होंने बताया कि घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायल किसान को बागबाहरा सामुदायिक केंद्र लेकर गई।

उन्होंने बताया कि किसान की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें महासमुंद मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां से उन्हें रायपुर ले जाया गया।

गाड़ा के बेटे शंकर गाड़ा ने संवाददाताओं को बताया कि गाड़ा ने गांव में अपने खेत के पास ब्लेड से अपना गला काट लिया।

शंकर ने कहा, ‘‘हम दो-तीन दिनों से ‘चॉइस सेंटर’ से टोकन लेने की कोशिश कर रहे थे। मेरे पिता ने हमें नहीं बताया कि वह कितनी परेशानी में थे। आज सुबह, मवेशियों को बाहर निकालने के बाद वह खेत में गए और अपना गला काट लिया।’’

उन्होंने बताया कि उनके पास एक एकड़ 40 डिसमिल जमीन है और उन्होंने पहले ही धान की कटाई कर ली थी, लेकिन मोबाइल नंबर अपडेट की कुछ दिक्कत की वजह से ‘चॉइस सेंटर’ पर टोकन नहीं मिल रहा था।

ग्रामीणों ने बताया कि किसान दबाव में था क्योंकि उसे अपनी बेटी की होने वाली शादी के लिए तुरंत पैसे की जरूरत थी।

बागबाहरा की अनुविभागीय अधिकारी नमिता मार्कोले ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद अधिकारी गांव पहुंचे और जांच शुरू की।

उन्होंने बताया कि गाड़ा के पास करीब एक एकड़ पंजीकृत खेती की जमीन है और शुरुआती जानकारी के मुताबिक वह टोकन के लिए खेमरा सहकारी समिति (जहां सेनभाठा के किसान अपना धान बेच सकते हैं) नहीं गए थे और ‘चॉइस सेंटर’ जा रहे थे। हालांकि, किसान मोबाइल ऐप के जरिए और सहकारी समिति या ‘चॉइस सेंटर’ से भी अपने टोकन ले सकते हैं।

अधिकारी ने कहा कि गाड़ा को टोकन नहीं मिलने का सही कारण जांच के बाद पता चलेगा। उन्होंने कहा कि अब तक कोई प्रशासनिक चूक नहीं हुई है।

मार्कोले ने कहा कि प्रशासन धान खरीदने में किसानों की हर तरह की मदद कर रहा है।

इस घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने धान खरीदी की प्रक्रिया में कुप्रबंधन का आरोप लगाया।

सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में बघेल ने कहा, ‘‘किसान हत्यारी भाजपा!! ‘मोदी की गारंटी’ के राज में किसान त्राहि त्राहि कर रहे हैं। धान खरीदी में पसरी अव्यवस्था से किसान इतने परेशान हैं कि वे आत्महत्या करने से भी नहीं हिचक रहे हैं। महासमुंद में धान का टोकन ना मिलने की वजह से एक किसान ने अपना गला काट कर आत्महत्या का प्रयास किया है, हालत नाजुक है। ऐसा लगता है कि दहशत भरा ‘रमनकाल’ वापस आ गया है।’’

उन्होंने पोस्ट में लिखा, ‘‘हम पहले भी कहते आए हैं कि भाजपा सरकार की मंशा धान खरीदी करने की नहीं है, आज इसके प्रमाण भी सामने आने लगे हैं।’’

भाषा सं संजीव सुरभि

सुरभि

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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