नयी दिल्ली, सात अप्रैल (भाषा) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की और नक्सल हिंसा से सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल बस्तर में अगले चरण के विकास के लिए एक ‘‘भविष्योन्मुखी दृष्टि’’ प्रस्तुत की।
राज्य सरकार द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के खात्मे के बाद क्षेत्र में शांति बहाल होने के लिए आभार व्यक्त किया और इसका श्रेय प्रधानमंत्री के निरंतर समर्थन और नेतृत्व को दिया।
विज्ञप्ति के अनुसार, दृष्टि पत्र में आर्थिक प्रगति को गति देने और जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए एक परिवर्तनकारी रूपरेखा प्रस्तुत की गई है। मुख्यमंत्री ने मानसून के बाद प्रधानमंत्री मोदी को बस्तर आने का निमंत्रण भी दिया।
इसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री की प्रस्तावित यात्रा के मील का पत्थर साबित होने की उम्मीद है, क्योंकि उनकी उपस्थिति में कई प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किये जाने की योजना है, जो इस क्षेत्र के विकास के एक नये युग की शुरुआत का संकेत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के विकास की योजना ‘कनेक्टिविटी, सुविधा प्रदान करने, सशक्त बनाने’ की मूल रणनीति पर आधारित है तथा इसका उद्देश्य पूरे क्षेत्र में बुनियादी ढांचा और आवश्यक सेवाओं का तीव्र व समावेशी विस्तार सुनिश्चित करना है।
एक मुख्य पहल, मजबूत सड़क नेटवर्क के माध्यम से दूरस्थ और अलग-थलग पड़े गांवों को मुख्यधारा से जोड़ना है। साथ ही, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लंबित कार्यों को 2027 तक पूरा करने का भी लक्ष्य है।
विज्ञप्ति के अनुसार, इसमें 228 नयी सड़कों और 267 पुलों का निर्माण शामिल है। इसके अतिरिक्त, विकास को और गति देने के लिए विशेष केंद्रीय सहायता की मांग करते हुए 61 नयी परियोजनाओं का प्रस्ताव सौंपा गया।
साय ने इस बात पर जोर दिया कि बस्तर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा हो चुका है, जिससे इस क्षेत्र में स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में हुई महत्वपूर्ण प्रगति को रेखांकित किया, जिसमें नये शैक्षणिक शहरों, सुपर-स्पेशलिटी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों का विकास शामिल है।
मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि इंद्रावती नदी पर बांधों का निर्माण, रेलवे नेटवर्क का विस्तार और हवाई अड्डे का विकास जैसी प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं के माध्यम से कनेक्टिविटी को भी काफी मजबूत किया जा रहा है।
उनके अनुसार, यह व्यापक योजना पूरे बस्तर में विकास के एक नये चरण की शुरुआत करेगी, रोजगार के अवसर पैदा करेगी और आवश्यक सेवाओं तक पहुंच को बढ़ाएगी।
विकास संबंधी अपने दृष्टि पत्र में मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि बस्तर को शांति और प्रगति के केंद्र में बदलने की आकांक्षा अब जमीनी हकीकत में तब्दील हो रही है।
भाषा तान्या सुभाष
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