नई दिल्ली: चंडीगढ़ में बीजेपी दफ्तर के बाहर हुए धमाके के कुछ दिन बाद, शहर की पुलिस और पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने संयुक्त कार्रवाई में इस घटना में शामिल पांच लोगों को गिरफ्तार किया और एक हैंड ग्रेनेड, पिस्तौल और गोला-बारूद बरामद किया.
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने शनिवार को कहा कि शुरुआती जांच में पता चला है कि यह नेटवर्क पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के समर्थन से चल रहा था और इसे पुर्तगाल और जर्मनी में बैठे हैंडलर निर्देश दे रहे थे.
उन्होंने कहा, “आरोपी एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा थे, जिसमें कई स्तर और अलग-अलग समूह शामिल थे, जो इस हमले को अंजाम देने के लिए काम कर रहे थे.”
गिरफ्तार लोगों की पहचान बलविंदर लाल उर्फ शामी (माजरी गांव, एसबीएस नगर), जसवीर सिंह उर्फ जस्सी (भरापुर गांव, एसबीएस नगर), चरणजीत सिंह उर्फ चन्नी (सुजावलपुर गांव, एसबीएस नगर), रुबल चौहान (ठाना गांव, शिमला) और मनदीप उर्फ अभिजोत शर्मा (धूरी, संगरूर) के रूप में हुई है.
इस हमले में शामिल दो अन्य मुख्य आरोपी, गुरतेज सिंह और अमनप्रीत सिंह, फरार हैं और पुलिस उन्हें पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है.
बुधवार को शाम करीब 5 बजे चंडीगढ़ के सेक्टर 37 में बीजेपी दफ्तर के पास धमाका हुआ. इससे अफरा-तफरी मच गई लेकिन कोई घायल नहीं हुआ. पुलिस के अनुसार, धमाके से आसपास खड़े वाहनों को हल्का नुकसान हुआ और स्कूटर व कारों पर निशान देखे गए.
सोशल मीडिया पर बुधवार शाम एक अपुष्ट वीडियो सामने आया, जिसमें एक व्यक्ति नीले रंग के ग्रेनेड की पिन निकालकर उसे फेंकता दिख रहा है, जबकि दूसरा व्यक्ति वीडियो बना रहा है. धमाके से पहले दोनों वहां से भागते दिखते हैं.
सोशल मीडिया पर एक और अपुष्ट पोस्ट में “सुखजिंदर सिंह बब्बर” नाम के व्यक्ति ने धमाके की जिम्मेदारी ली और “खालसा पंथ और खालिस्तान की स्थापना” की बात कही.
डीजीपी के अनुसार, मामले में आगे की जांच जारी है ताकि पूरे नेटवर्क और उसके संपर्कों का पता लगाया जा सके.
और जानकारी देते हुए एआईजी स्टेट स्पेशल ऑपरेशंस सेल (SSOC) एसएएस नगर दीपक पारेख ने कहा कि जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों ने हैंड ग्रेनेड, हथियार और जिंदा कारतूस की खेप पहुंचाई थी. यह खेप कई लोगों के जरिए घुमाई गई और आखिर में हमलावरों तक पहुंचाई गई.
एआईजी ने कहा कि “पुर्तगाल में बैठे हैंडलर बलजोत सिंह उर्फ जोत के निर्देश पर आरोपियों ने हमले की योजना और सामान पहुंचाने का काम किया.” उन्होंने बताया कि फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है.
एसएसओसी पुलिस स्टेशन, एसएएस नगर में आर्म्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है.
जांच के दौरान पुलिस ने एक हैंड ग्रेनेड और एक जिगाना 30 बोर पिस्तौल के साथ 10 जिंदा .30 बोर कारतूस बरामद किए हैं. पुलिस ने कहा कि पूरे नेटवर्क और सप्लाई चेन का पता लगाने के लिए आगे जांच जारी है.
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