बेंगलुरु, एक मार्च (भाषा) कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने रविवार को केंद्र सरकार से आग्रह किया कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण फंसे भारतीयों खासकर कन्नड़ भाषी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
शिवकुमार ने कहा कि उनकी सुरक्षा के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित लोगों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है और स्थानीय जन प्रतिनिधियों के साथ समन्वय कर रही है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा, “उनकी (भारतीयों की) सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जानी चाहिए। हम केंद्र सरकार से आग्रह कर रहे हैं कि केरल, कर्नाटक और अन्य राज्यों के वहां फंसे लाखों लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।”
उन्होंने कहा कि नयी दिल्ली स्थित राज्य के स्थानीय आयुक्त से पहले ही संपर्क कर लिया गया है और उनसे जानकारी मांगी गई है।
शिवकुमार ने कहा, “हमारे दो विधायक श्रीनिवास भोजेगौड़ा और ए. सी. श्रीनिवास दुबई में हैं। वे समन्वय कर रहे हैं। मैं भी उनसे संपर्क करने की कोशिश कर रहा हूं।”
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि घटनाक्रम चिंताजनक है।
उन्होंने कहा, “जो कुछ भी हो रहा है, वह ठीक नहीं है। यह शांति का सवाल है। हमने हमेशा शांति और बलिदान का सम्मान किया है।”
ईरान में एक स्कूल पर कथित हमले को लेकर शिवकुमार ने कहा, “वे मासूम बच्चे… उन्होंने क्या किया? वे तो बस बच्चे हैं। स्कूल पर इस तरह का हमला निंदनीय है।”
उन्होंने लोगों से न घबराने की अपील करते हुए कहा कि राज्य सरकार सभी जरूरी कदम उठाएगी और जरूरत पड़ने पर केंद्र पर दबाव भी बनाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार वहां कन्नड़ संगठनों के संपर्क में है।
सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे दिल दहला देने वाले वीडियो का जिक्र करते हुए शिवकुमार ने कहा कि परिवारों में चिंता बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि सभी को एकजुट होकर लोगों का मनोबल बढ़ाना चाहिए।
जब उनसे पूछा गया कि क्या बेंगलुरु से कोई व्यक्ति प्रभावित हुआ है और क्या कॉल सेंटर स्थापित किया जाएगा तो उन्होंने कहा, ‘‘इसके लिए राज्य के पास स्थानीय आयुक्त और सरकारी तंत्र है।’’
शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि हेल्पलाइन जैसे मामलों पर केंद्र सरकार की ओर से कदम उठाने चाहिए।
भाषा खारी नरेश
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