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Tuesday, 24 March, 2026
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गर्मी से संबंधित बीमारियों के उपायों में सहायता के लिए उप्र, बिहार में केंद्रीय टीम तैनात की जाएगी

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नयी दिल्ली, 20 जून (भाषा) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद, मौसम विभाग और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के विशेषज्ञों की एक टीम गर्मी से संबंधित बीमारियों से निपटने के वास्ते सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिक्रिया उपायों में मदद करने के लिए बिहार और उत्तर प्रदेश का दौरा करेगी।

यह निर्देश केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को देश भर में लू प्रबंधन के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारियों से संबंधित एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिया।

बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार और नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वी के पॉल भी मौजूद थे। कई राज्य पिछले कुछ दिनों से भीषण गर्मी का सामना कर रहे हैं।

जागरूकता और प्रारंभिक कार्रवाई के माध्यम से मजबूत और समय पर तैयारी के महत्व को रेखांकित करते हुए, मांडविया ने भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) को विशिष्ट लघु, मध्यम और दीर्घकालिक कार्रवाई योजनाओं के साथ स्वास्थ्य पर लू के प्रभाव को कम करने के तरीके पर अनुसंधान करने का निर्देश दिया।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि केंद्र ने गर्मी के मौसम से पहले लू से संबंधित बीमारियों से निपटने के लिए समय पर उपाय किए हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मार्च में गर्मी के मौसम से पहले तैयारियों की समीक्षा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की थी, जबकि स्वास्थ्य मंत्रालय ने फरवरी में लू को लेकर परामर्श जारी किया था जिसमें राज्यों को आवश्यक दवाओं, अंतःशिरा तरल पदार्थ, पैक, ओआरएस के संदर्भ में स्वास्थ्य सुविधा तैयारियों की समीक्षा करने की सलाह दी गई थी।

गर्मी से संबंधित बीमारियों पर राष्ट्रीय कार्ययोजना को भी सभी राज्यों के साथ साझा किया गया।

बैठक में, मांडविया को विभिन्न राज्यों में लू की स्थिति और समय पर प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए आवश्यक आपूर्ति एवं अस्पतालों के बुनियादी ढांचे की उपलब्धता के संदर्भ में केंद्रीय एजेंसियों की तैयारियों के बारे में जानकारी दी गई।

यह भी अवगत कराया गया कि जलवायु परिवर्तन और मानव स्वास्थ्य पर राष्ट्रीय कार्यक्रम (एनपीसीएचएच) के तहत एकीकृत स्वास्थ्य सूचना मंच (आईएचआईपी) के माध्यम से सभी राज्यों और जिलों में गर्मी से संबंधित बीमारियों पर दैनिक निगरानी सुनिश्चित की गई है तथा सभी स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों से पी-फॉर्म लेवल लॉगइन का उपयोग करके भागीदारी करने को कहा गया है।

गर्मी से संबंधित बीमारियों पर केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा तैयार की गई राष्ट्रीय कार्य योजना जुलाई 2021 में जारी की गई थी। यह गर्मी की चपेट में आने के मामलों और मौतों की निगरानी के लिए गर्मी से पहले और गर्मी के दौरान मानक संचालन प्रक्रियाओं को रेखांकित करती है।

मांडविया ने कहा, ‘जनता को जागरूक महत्वपूर्ण है, लेकिन गर्मी से संबंधित बीमारियों पर चिकित्सा अधिकारियों, स्वास्थ्य कर्मचारियों और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं का संवेदीकरण और क्षमता निर्माण, उनकी शीघ्र पहचान और प्रबंधन भी महत्वपूर्ण है।’

उन्होंने राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों से मल्टी-मीडिया आईईसी अभियानों के माध्यम से निवारक उपायों के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाने का आग्रह किया।

मांडविया ने भारत मौसम विज्ञान विभाग से दैनिक मौसम पूर्वानुमान इस तरीके से जारी करने को कहा जिसे आसानी से समझाया और प्रसारित किया जा सके।

भाषा नेत्रपाल माधव

माधव

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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