नयी दिल्ली, दो जनवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम की धारा 26(2) के तहत सभी सीरिज के बैंक नोटों को चलन से बाहर करने की केंद्र के पास शक्तियां हैं।
न्यायमूर्ति एस ए नजीर की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ ने 4:1 के बहुमत से सुनाये गये अपने फैसले में 1000 और 500 रुपये के नोटों को 2016 में चलन से बाहर करने के केंद्र के निर्णय को सही ठहराया।
पीठ ने कहा, ‘‘आरबीआई अधिनियम की धारा 26(2) के तहत केंद्र के पास उपलब्ध शक्तियां बस यहीं तक सीमित नहीं की जा सकतीं कि इनका उपयोग सिर्फ ‘एक’ या ‘कुछ’ सीरिज के बैंक नोटों के लिए किया जा सकता है, सभी सीरिज के बैंक नोटों के लिए नहीं।’’
उल्लेखनीय है कि याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता पी चिदंबरम ने शीर्ष न्यायालय में दलील दी कि आरबीआई अधिनियम के अनुसार, सरकार के पास सिर्फ कुछ खास सीरिज के नोटों को चलन से बाहर करने की ही शक्तियां हैं।
पीठ में न्यायमूर्ति बी आर गवई, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना, न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमण्यन और न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना भी शामिल हैं।
शीर्ष न्यायालय का फैसला 58 याचिकाओं के एक समूह पर आया है, जिनमें आठ नवंबर 2016 को केंद्र द्वारा घोषणा की गई नोटबंदी की कवायद को चुनौती दी गई थी।
भाषा सुभाष माधव
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