नयी दिल्ली, 11 मार्च (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 20,000 करोड़ रुपये के गेन बिटकॉइन मुद्रा घोटाले के मुख्य आरोपियों में शामिल एवं डार्विन लैब्स के सह-संस्थापक आयुष वार्ष्णेय को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
सीबीआई ने वार्ष्णेय के खिलाफ ‘लुकआउट सर्कुलर’ जारी किया था। वार्ष्णेय को सोमवार को देश से भागने की कोशिश करते समय मुंबई हवाई अड्डे से हिरासत में लिया गया। उसे मंगलवार को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
सीबीआई के अनुसार, डार्विन लैब्स ने उस डिजिटल बुनियादी ढांचे को डिजाइन और विकसित किया था जो कथित फर्जी उद्यम गेन बिटकॉइन के परिचालन की रीढ़ था।
जांच के दौरान एजेंसी ने डार्विन लैब्स प्राइवेट लिमिटेड और इसके सह-संस्थापकों वार्ष्णेय, साहिल बाघला और वाओमी एआई के मुख्य पूंजी अधिकारी एवं संस्थापक निकुंज जैन की एमकैप नामक एक क्रिप्टोकरेंसी टोकन और उससे जुड़े ‘ईआरसी-20 स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट’ के डिजाइन, विकास और इस्तेमाल में कथित संलिप्तता का पता लगाया।
सीबीआई ने एक बयान में कहा कि डार्विन लैब्स ने अनेक मंचों के जरिये चलाए गए इस कथित क्रिप्टोकरेंसी पोंजी घोटाले के लिए प्रौद्योगिकी से जुड़ी संरचना तैयार करने में अहम भूमिका निभाई।
अधिकारियों ने बताया कि इस घोटाले का कथित मास्टरमाइंड अमित भारद्वाज (अब मृत) और उसका भाई अजय भारद्वाज था।
इस घोटाले की व्यापकता और जटिलता के कारण जम्मू-कश्मीर से महाराष्ट्र तक और दिल्ली से पश्चिम बंगाल तक कई प्राथमिकी दर्ज की गईं।
भाषा सिम्मी शोभना
शोभना
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