नयी दिल्ली, आठ अप्रैल (भाषा) चिकित्सकों, नीति निर्माताओं, अस्पताल के अधिकारियों, नवोन्मेषकों और मरीजों के समर्थकों ने अपनी तरह के पहले राष्ट्रीय सम्मेलन ‘केयर कॉन 2026’ में हिस्सा लिया, जिसका मकसद भारत में अधिक रोगी केंद्रित स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को बढ़ावा देना था।
‘पैसिफिक वनहेल्थ’ द्वारा यहां आयोजित एक दिन के सम्मेलन में उन चिंताओं को दूर करने की कोशिश की गई कि भारत ने उन्नत चिकित्सा उपचारों के मामले में तरक्की की है, लेकिन देखभाल के मानवीय पहलुओं – गरिमा, हमदर्दी और मरीज के पक्ष को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।
मंगलवार को आयोजित सम्मेलन में अलग-अलग हितधारक एक साथ आए।
‘पैसिफिक वनहेल्थ’ के संस्थापक और कार्यकारी निदेशक साकेत बंसल ने कहा कि भारत में चिकित्सा विशेषज्ञता या नवाचार की कमी नहीं है, लेकिन देखभाल में रोगियों के अनुभव को व्यवस्थित तरीके से मजबूती से पहचानने की जरूरत है।
भाषा वैभव सुरभि
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