कोटा, 20 मार्च (भाषा) राजस्थान के बूंदी जिले के इंदरगढ़ क्षेत्र में रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के बफर जोन में 12 मोर के दो से सात दिन पुराने शव मिले हैं। अधिकारियों को संदेह है कि बीमारी के कारण इनकी मौत हुई होगी।
इस बीच, शुक्रवार को बंसी वन चौकी के अंतर्गत बाघ रिजर्व के क्षेत्र में डोडी गांव के पास एक जलाशय के किनारे सात कछुए मृत पाये गए।
राष्ट्रीय पक्षी, मोर, वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित है, जो भारत में सर्वोच्च स्तर का कानूनी संरक्षण प्रदान करता है, जबकि कछुए इस अधिनियम के तहत अत्यधिक संरक्षित हैं।
रामगढ़ विषधारी बाघ रिजर्व के बफर क्षेत्र में स्थित कोलास्पुरा गांव के स्थानीय लोगों ने भेरुजी मंदिर के पास मोर के शव पड़े होने की सूचना दी, जिसके बाद वन विभाग की एक टीम मौके पर पहुंची और कम से कम 12 मोर के अवशेष बरामद किए।
अधिकारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मोरों की मौत के सटीक कारण का पता चलेगा, हालांकि मौके पर मोर के अवैध शिकार या जहर देने का कोई सबूत नहीं मिला है।
पोस्टमार्टम करने वाली मेडिकल बोर्ड की सदस्य डॉ. कविता ने बताया कि मोर के शव दो से सात दिन पुराने हैं, जिससे संकेत मिलता है कि उनकी मौत अलग-अलग समय पर एक ही स्थान पर हुई।
उन्होंने कहा कि कुछ शवों में बीमारी से मौत होने के संकेत मिले हैं, हालांकि नमूने की रिपोर्ट आने पर ही इसके सटीक कारण का पता चलेगा।
भाषा सुभाष माधव
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