अहमदाबाद, 24 अप्रैल (भाषा) गुजरात में स्थानीय निकाय चुनावों के लिए प्रचार शुक्रवार को थम गया। इन चुनावों को 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच त्रिकोणीय मुकाबले के रूप में देखा जा रहा है।
राज्य के 15 नगर निगमों, 84 नगर पालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तालुका पंचायतों की सीटों के लिए 26 अप्रैल को मतदान होगा, जिसमें 9,992 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
ये चुनाव अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण के संशोधित मानदंडों के तहत आयोजित किए जा रहे हैं, जिसके लिए कई जिलों में वार्ड का व्यापक परिसीमन और पुनर्गठन किया गया है।
मतदान 26 अप्रैल को सुबह सात बजे शुरू होगा और शाम छह बजे समाप्त होगा। यदि आवश्यक हुआ, तो अगले दिन पुनर्मतदान कराया जाएगा। मतों की गिनती 28 अप्रैल को होगी।
विधानसभा चुनाव में अभी करीब डेढ़ साल का समय शेष है, जिसके महत्व को समझते हुए विभिन्न राजनीतिक दलों ने मतदाताओं को लुभाने के लिए रैलियां कीं और घर-घर जाकर प्रचार किया। इस दौरान दलों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर के अपने शीर्ष नेताओं को भी चुनाव प्रचार में उतारा।
भाजपा, कांग्रेस और अन्य दलों के प्रदेश नेतृत्व ने शाम छह बजे प्रचार खत्म होने के निर्धारित समय तक रोड शो और भव्य रैलियां कीं।
चुनाव प्रचार के दौरान सड़कों की खराब स्थिति और पेयजल आपूर्ति जैसे नागरिक मुद्दे हावी रहे, लेकिन पार्टी नेताओं ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिला आरक्षण का मुद्दा भी उठाया।
भाषा सुमित पवनेश
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