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Thursday, 5 March, 2026
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लोकसभा में विभागों के लेखा परीक्षित खातों का ब्योरा पेश करने में देरी पर कैग अधिकारी तलब

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नयी दिल्ली, तीन अप्रैल (भाषा) एक संसदीय समिति ने लोकसभा में विभिन्न स्वायत्त विभागों की वार्षिक रिपोर्ट और लेखा परीक्षित खातों का ब्योरा पेश करने में ‘बेवजह’ हो रही देरी का कारण बताने के लिए कैग अधिकारियों को तलब किया है। सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी।

लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी एक नोटिस के मुताबिक, लोकसभा के पटल पर रखे जाने वाले दस्तावेजों की संसदीय समिति ने सोमवार को नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक बुलाई है। बसपा सांसद रितेश पांडे इस समिति के अध्यक्ष हैं।

समिति से जुड़े सूत्रों ने कहा कि यह संभवत: पहली बार है, जब लोक लेखा समिति (पीएसी) से इतर कोई संसदीय समिति कैग अधिकारियों के साथ औपचारिक चर्चा करेगी।

उन्होंने बताया कि समिति ने समय पर दस्तावेज न रखने वाले विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के प्रतिनिधियों को बुलाया था।

सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान कई संगठनों ने कहा कि कैग द्वारा ऑडिट कभी-कभी निर्धारित अवधि से कहीं अधिक समय लेता है, जिसके चलते दस्तावेज पेश करने में देरी हो रही है।

सूत्रों के अनुसार, समिति ने पाया कि कैग के कार्यालय के साथ औपचारिक बातचीत करना जरूरी है, ताकि देरी की वजहें पता चल पाएं और यह भी जाना जा सके कि दस्तावेजों को संसद में निर्धारित समय में पेश करने की वैधानिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए क्या उपाय किए जाने चाहिए।

यह संसदीय समिति हर साल केंद्र सरकार के प्रशासनिक नियंत्रण में आने वाले विभिन्न स्वायत्त निकायों, सार्वजनिक उपक्रमों, आयोगों, संगठनों, मंत्रालयों/विभागों और अन्य प्रतिष्ठानों की वार्षिक रिपोर्ट व लेखा परीक्षित खातों का ब्योरा पेश करने में होने वाली बेवजह की देरी के कारणों की जांच करने के लिए गठित की जाती है।

इन विभागों को वित्तीय वर्ष खत्म होने के नौ महीने के भीतर यानी हर साल 31 दिसंबर तक अपने लेखा परीक्षित खातों की जानकारी और रिपोर्ट सदन के पटल पर रखनी होती है।

भाषा पारुल नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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