scorecardresearch
Friday, 16 January, 2026
होमदेशकैबिनेट फैसलेः सीडीपीओ परीक्षा पद्धति में बदलाव को मंजूरी, मदरसों व संस्कृत स्कूलों की दोगुनी मदद

कैबिनेट फैसलेः सीडीपीओ परीक्षा पद्धति में बदलाव को मंजूरी, मदरसों व संस्कृत स्कूलों की दोगुनी मदद

Text Size:

रांची, 10 जनवरी (भाषा) झारखंड सरकार ने बाल विकास परियोजना अधिकारियों (सीडीपीओ) की भर्ती के लिए परीक्षा पद्धति में बदलाव के लिए मंगलवार को मंजूरी प्रदान कर दी।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में प्रदेश कैबिनेट की हुई बैठक में इस आशय का फैसला लिया गया।

कैबिनेट सचिव वंदना डडेल ने मीडियाकर्मियों को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सीडीपीओ की भर्ती परीक्षा में बदलाव करते हुए सामान्य अध्ययन के लिए दो प्रश्नपत्र होंगे और वे 100-100 अंक के होंगे। इससे पहले 150 अंकों का एक प्रश्नपत्र होता था। उन्होंने कहा कि साक्षात्कार 100 अंकों का होगा।

बाद में, राज्य सरकार द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, ‘झारखंड बाल विकास परियोजना अधिकारी सेवा/कैडर (भर्ती, पदोन्नति एवं अन्य सेवा शर्तें) (संशोधन) नियमावली, 2022 को मंजूरी दी गई।’

कैबिनेट ने मदरसा और संस्कृत स्कूलों की वित्तीय सहायता को दोगुना करने के लिए भी मंजूरी दी जो वित्त वर्ष 2022-23 से प्रभावी होगी।

अधिकारियों ने बताया कि इसमें 33 संस्कृत स्कूल और 46 मदरसे शामिल होंगे एवं करीब 2,000 शिक्षकों को इससे लाभ होगा।

कैबिनेट ने किसी प्रवासी श्रमिक के शव को उसके पैतृक स्थान तक लाने के लिए अनुग्रह राशि में वृद्धि करने को भी मंजूरी दी। सरकार ऐसे मृत श्रमिकों के परिवार को 25,000 रुपये का भुगतान करेगी।

कैबिनेट ने झारखंड विधानसभा में कर्मचारियों की नियुक्ति एवं पदोन्नति में भ्रष्टाचार के संबंध में अपनी रिपोर्ट पेश करने के लिए एक सदस्यीय न्यायिक आयोग के कार्यकाल को भी बढ़ा दिया।

बैठक में, रांची के भुसुर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के कार्यालय के निर्माण के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय से 16.36 करोड़ रुपये के बदले 6.69 एकड़ भूमि हस्तांतरित करने का फैसला भी किया गया।

भाषा अविनाश पवनेश

पवनेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments