नयी दिल्ली, 24 अप्रैल (भाषा) भारत ने 23-24 अप्रैल को यहां ब्रिक्स उप-विदेश मंत्रियों और पश्चिम एशिया एवं उत्तरी अफ्रीका के लिए विशेष दूतों (ब्रिक्स एमईएनए) की बैठक की अध्यक्षता की। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
मंत्रालय ने कहा कि बैठक में प्रतिभागियों ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर ‘‘गहरी चिंता’’ व्यक्त की और फलस्तीन मुद्दे तथा गाजा की स्थिति पर भी चर्चा की।
मंत्रालय ने बताया कि उन्होंने क्षेत्रीय घटनाक्रम पर रचनात्मक विचार-विमर्श किया।
इसने एक बयान में कहा कि ब्रिक्स देशों के उप-विदेश मंत्रियों और पश्चिम एशिया एवं उत्तरी अफ्रीका (एमईएनए) के लिए विशेष दूतों ने शुक्रवार को नयी दिल्ली में मुलाकात की और क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
इसमें कहा गया है, ‘‘सदस्यों ने पश्चिम एशिया में हाल में हुए संघर्ष पर गहरी चिंता व्यक्त की और इस मामले पर अपने विचार और आकलन प्रस्तुत किए।’’
मंत्रालय ने कहा, ‘‘चर्चा में फलस्तीन मुद्दा और गाजा की स्थिति, मानवीय सहायता प्रदान करना, यूएनआरडब्ल्यूए की भूमिका, आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने संबंधी दृष्टिकोण, लेबनान में युद्धविराम का स्वागत, यूएनआईएफआईएल (लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल) पर हमलों की अस्वीकार्यता, सीरिया में संघर्ष के बाद पुनर्निर्माण और पुनर्वास, यमन में राजनीतिक समाधान, इराक में स्थिरता और विकास, लीबिया में राजनीतिक प्रक्रिया और सूडान में मानवीय संकट का समाधान जैसे विषय शामिल थे।’’
इसने कहा कि वे 2027 में चीन की अध्यक्षता में फिर से बैठक करने पर सहमत हुए।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि विदेश मंत्रालय के सचिव (दक्षिण) ने बैठक की अध्यक्षता की और उन्होंने ‘भारत मंडपम’ में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक की कुछ तस्वीरें भी साझा कीं।
उन्होंने कहा, ‘‘सचिव (दक्षिण) डॉ. नीना मल्होत्रा ने 23-24 अप्रैल 2026 को नयी दिल्ली में ब्रिक्स उप-विदेश मंत्रियों और पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका के लिए विशेष दूतों (ब्रिक्स एमईएनए) की बैठक की अध्यक्षता की।
प्रतिभागियों ने क्षेत्रीय घटनाक्रम पर रचनात्मक विचार-विमर्श किया।’’
भाषा
देवेंद्र माधव
माधव
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