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Tuesday, 20 January, 2026
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चीन के प्रतिनिधिमंडल की यात्रा पर कांग्रेस के सवाल उठाने के बाद भाजपा ने किया पलटवार

भाजपा ने इस मुद्दे पर कई बार कांग्रेस पर हमला करते हुए आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने 2018 में बीजिंग में सोनिया गांधी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की उपस्थिति में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के साथ एक ‘‘गुप्त’’ एमओयू पर हस्ताक्षर किए थे.

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नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को कहा कि उसने नई दिल्ली और बीजिंग के बीच संबंधों में ‘‘सुधार’’ के मद्देनज़र एक चीनी प्रतिनिधिमंडल के साथ ‘‘खुले तौर पर’’ औपचारिक बैठक की. भाजपा ने यह आरोप भी लगाया कि कांग्रेस ने पड़ोसी देश की सत्तारूढ़ पार्टी के साथ ‘‘गुप्त रूप से’’ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए.

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के प्रतिनिधिमंडल के यहां भाजपा मुख्यालय के दौरे को लेकर कांग्रेस द्वारा निशाना साधे जाने पर यह प्रतिक्रिया दी.

कांग्रेस ने भाजपा पर पड़ोसी देश के साथ अपने व्यवहार में पाखंड करने का आरोप लगाते हुए पूछा है कि क्या वह इस तरह की बातचीत के दौरान ‘‘बार-बार होने वाले चीनी अतिक्रमण’’ का मुद्दा उठाती है.

कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि उनकी पार्टी सरकार से उसकी चीन नीति पर पूर्ण जवाबदेही और पूरी पारदर्शिता की मांग करती है.

इस पर पलटवार करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने कहा, ‘‘यह एक औपचारिक बैठक थी. स्थिति सुधरने पर औपचारिक बैठक होती है. हम इसे बहुत खुले तौर पर करते हैं.’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम गुपचुप तरीके से ऐसे किसी भी समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर नहीं करते हैं, जिसकी हम वर्षों तक व्याख्या न कर सकें.’’

भाजपा ने इस मुद्दे पर कई बार कांग्रेस पर हमला करते हुए आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने 2018 में बीजिंग में सोनिया गांधी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की उपस्थिति में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के साथ एक ‘‘गुप्त’’ एमओयू पर हस्ताक्षर किए थे. भाजपा, कांग्रेस से इस समझौता ज्ञापन के विवरण को सार्वजनिक करने की भी मांग करती रही है.

सिन्हा ने कहा कि चीनी प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक भाजपा मुख्यालय में इसलिए हुई कि ‘‘हालात में सुधार हुआ है.’’

कांग्रेस के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘हाल में (भारत और चीन के बीच) उड़ानें फिर से शुरू हुई हैं. व्यापारिक वार्ताएं भी हो रही हैं.’’

भाजपा प्रवक्ता ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भी हमला करते हुए कहा कि उन्होंने नरेन्द्र मोदी सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाने का अपना अधिकार खो दिया है, क्योंकि उन्होंने निराधार दावा किया था कि गलवान घाटी झड़प के दौरान भारतीय सैनिकों को चीनी सैनिकों ने ‘‘पीटा’’ था.

सोमवार को, सीपीसी के अंतरराष्ट्रीय विभाग की उप मंत्री सुन हैयान के नेतृत्व में एक चीनी प्रतिनिधिमंडल ने यहां भाजपा मुख्यालय का दौरा किया था.

बैठक के दौरान, भारतीय जनता पार्टी महासचिव अरुण सिंह के नेतृत्व में पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने भाजपा और सीपीसी के बीच अंतर-दलीय संवाद को बढ़ावा देने के माध्यमों पर विस्तार से चर्चा की.

बैठक में, भारत में चीनी राजदूत शु फीहोंग भी सीपीसी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे.

सूत्रों के मुताबिक, चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को यहां आरएसएस महासचिव दत्तात्रेय होसबाले से मुलाकात की.

सूत्रों ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने आरएसएस सर कार्यवाह से पूर्वाह्न 11 बजे उनके कार्यालय में मुलाकात की और यह बैठक करीब एक घंटे तक चली.

सूत्रों ने कहा, ‘‘यह उनकी (सीपीसी) ओर से एक शिष्टाचार भेंट थी. मुलाकात का अनुरोध चीन की ओर से आया था.’’

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.


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