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Wednesday, 7 January, 2026
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भाजपा हमेशा उद्योगपतियों के लिए काम करती है, कांग्रेस गरीबों का साथ देती है:दिग्विजय सिंह

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सीहोर (मप्र), पांच जनवरी (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने सोमवार को आरोप लगाया कि जब भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सत्ता में होती है, वह पूरी तरह उद्योगपतियों के लिए काम करती है, जबकि कांग्रेस हमेशा गरीबों के लिए योजनाएं बनाती है और मनरेगा जैसी योजनाएं लागू करती है।

इछावर तहसील के खेड़ी गांव में मनरेगा मजदूरों को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा, “कांग्रेस पार्टी ने इस देश को आजादी दिलाई। नागरिकों को वोट देने का अधिकार दिया ताकि वे अपनी पसंद का प्रतिनिधि चुन सकें, लेकिन आज लोकतंत्र के साथ-साथ गरीब भी खतरे में हैं।”

उन्होंने कहा, “जब कांग्रेस सत्ता में आती है तो वह गरीबों के लिए योजनाएं बनाती है, लेकिन जब भाजपा की सरकार आती है तो वह पूरी तरह उद्योगपतियों के लिए काम करती है।”

कांग्रेस पार्टी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में किए गए बदलावों के विरोध में देशभर में प्रदर्शन कर रही है। इसी कड़ी में दिग्विजय सिंह ने सीहोर जिले के खेड़ी गांव में मनरेगा जॉब कार्ड धारकों के सम्मेलन में हिस्सा लिया।

सिंह ने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दौरान 90,000 किसानों के कर्ज माफ किए गए थे और छोटे किसानों को काम देने के लिए मनरेगा योजना शुरू की गई थी। उस समय पंचायतों को काम शुरू करने का अधिकार था, लेकिन अब यह अधिकार बड़े ठेकेदारों को दिया जा रहा है।

उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2021-22 में सीहोर जिले में मनरेगा के तहत केवल 792 मजदूरों को काम मिला, जबकि जिले में 2.81 लाख जॉब कार्ड धारक हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति और भी खराब हो गई है और वर्ष 2024-25 में केवल 242 मजदूरों को ही काम मिला।

सिंह ने कहा कि पहले केंद्र सरकार मनरेगा के कुल खर्च का 90 प्रतिशत वहन करती थी, लेकिन नए कानून के बाद यह हिस्सेदारी घटाकर 60 प्रतिशत कर दी गई है। शेष राशि राज्य सरकार को देनी होगी, जबकि मध्यप्रदेश सरकार के पास इसके लिए पर्याप्त धन नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इन बदलावों का मकसद मनरेगा योजना को पूरी तरह खत्म करना है और भाजपा सरकार धीरे-धीरे मजदूरों के हितों को कमजोर कर रही है।

सरकार से सवाल करते हुए सिंह ने कहा, “यह कैसी धर्मनीति है, जिसमें गरीबों की कीमत पर अमीरों को खिलाया जा रहा है?”

उन्होंने कहा कि कांग्रेस गरीबों, किसानों और मजदूरों की लड़ाई लड़ रही है। यह संघर्ष लंबा है और इसके लिए जनता के समर्थन की जरूरत है।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने कहा कि कोविड-19 संकट के दौरान जब बड़ी संख्या में मजदूर अपने-अपने गांव लौटे थे, तब उन्हें आजीविका के लिए मनरेगा के तहत काम मिला था।

उन्होंने कहा कि अब सरकार यह कह रही है कि केवल ‘सक्रिय’ जॉब कार्ड धारकों को ही काम मिलेगा, जिससे बड़ी संख्या में वास्तविक मजदूर इस योजना के दायरे से बाहर हो जाएंगे।

भाषा दिमो

नोमान

नोमान

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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