बेगूसराय, 21 जनवरी (भाषा) मासिक धर्म से जुड़ी गरीबी (पीरियड पॉवर्टी) से निपटने और किशोरियों को सशक्त बनाने की दिशा में बिहार के बेगूसराय जिले के दो स्कूलों में बुधवार को सेनेटरी पैड डिस्पेंसर और इंसीनेरेटर लगाए गए।
यह कदम ‘संगिनी’ पहल के तहत उठाया गया है, जिसका उद्देश्य जिले को मासिक धर्म स्वच्छता के मामले में मॉडल जिला बनाना है।
गैर-लाभकारी संगठन नोबा जीएसआर (नेतरहाट ओल्ड बॉयज एसोसिएशन ग्लोबल सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) की ओर से चलाई जा रही इस परियोजना को समाचार एजेंसी ‘प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई)’ का सहयोग प्राप्त है। इसका मकसद ग्रामीण स्कूलों में मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन सुनिश्चित करना है, ताकि लड़कियों को मासिक धर्म के कारण अपनी पढ़ाई से वंचित न होना पड़े।
नोबा जीएसआर की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि ‘संगिनी’ मासिक धर्म स्वच्छता कार्यक्रम के तहत उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय फुलवरिया-2 और राजकीय मध्य विद्यालय रतौली में ये उपकरण लगाए गए हैं।
बेगूसराय जिले के विभिन्न स्कूलों में पीटीआई के सहयोग से कुल 12 सेनेटरी पैड डिस्पेंसर और इंसीनेरेटर लगाए गए हैं।
इस पहल से अब तक देशभर में दो लाख से अधिक लड़कियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।
नोबा जीएसआर के सह-संस्थापक विकास रंजन ने कहा कि संगठन ने बेगूसराय को ‘पीरियड पॉवर्टी’ मुक्त जिला बनाने की पहल की है।
संगठन के कोर ग्रुप प्रमुख राधेश्याम सिंह ने कहा, “स्वच्छता और शिक्षा एक-दूसरे से जुड़ी हैं। नोबा-जीएसआर का यह कदम सराहनीय है, क्योंकि इससे मासिक धर्म के दौरान छात्राओं के स्कूल से अनुपस्थित रहने की समस्या समाप्त होगी।”
उन्होंने दावा किया कि रंजन के प्रयासों से संभव हुई इस तरह की पहल से छात्राओं के स्वास्थ्य में सुधार होगा और उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा।
सिंह ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि कोई भी छात्रा मासिक धर्म के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। छात्राओं को डिस्पेंसर मशीनों से आसानी से सेनेटरी पैड मिलेंगे और वे इस्तेमाल किए गए पैड को इंसीनेरेटर मशीनों के जरिए सुरक्षित तरीके से नष्ट कर सकेंगी।”
सिंह ने बताया कि अब तक बेगूसराय जिले में 107 मशीनें लगाई जा चुकी हैं, जबकि पूरे देश में यह संख्या 800 से अधिक हो चुकी है।
नोबा-जीएसआर की ओर से जारी एक बयान के अनुसार स्कूल प्रबंधन ने कहा कि ये सुविधाएं छात्राओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी और उन्हें काफी लाभ पहुंचाएंगी।
भाषा
कैलाश
रवि कांत
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