scorecardresearch
Thursday, 5 March, 2026
होमदेशमनरेगा के फर्जी आंकड़े दे रही बिहार सरकार- तेजस्वी

मनरेगा के फर्जी आंकड़े दे रही बिहार सरकार- तेजस्वी

Text Size:

पटना, नौ मार्च (भाषा) बिहार विधानसभा में ग्रामीण विकास विभाग के मनरेगा को लेकर दिए गए जवाब को प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के फर्जी होने का दावा किए जाने पर मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि इसकी एक सप्ताह के भीतर जांच करायी जाएगी और अधिकारी के दोषी पाए जाने पर उसे कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

बिहार विधानसभा की आज की कार्रवाई शुरू होने पर तेजस्वी यादव ने पूछे एक तारांकित प्रश्न का ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मनरेगा के तहत काम पाने वाले लोगों की संख्या के बारे दिए जवाब को गलत होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि विभाग के जवाब में कहा गया है कि 62.09 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं और 99 प्रतिशत से अधिक आवेदकों को नौकरी मिली है।

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार ‘‘फर्जी’’ आंकड़े लेकर आयी है। मनरेगा वेबसाइट पर अपलोड किए गए आंकड़े में कहा गया है कि बिहार में 1.53 करोड़ आवेदन प्राप्त हुए थे। मुझे आश्चर्य है कि 62 लाख का आंकड़ा कैसे आया।’’

तेजस्वी यादव ने यह भी दावा किया कि वेबसाइट के अनुसार, राज्य में केवल 45 लाख लोगों को मनरेगा के तहत काम दिया गया है और उनमें से केवल 14590 ने ही 100 मानव दिवस पूरे किए हैं।

भाजपा सदस्य संजय सरावगी के तेजस्वी यादव के एक ही प्रश्न में सदन का अधिक समय बर्बाद करने का मामला उठाकर उनके बोलने के दौरान व्यवधान उत्पन्न करने की कोशिश करने पर सदन अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने उन्हें फटकार लगाते हुए कहा कि वह आसन का मार्गदर्शन करने की कोशिश न करें। अध्यक्ष ने कहा, ‘‘आपके बयानों को कार्यवाही का हिस्सा नहीं माना जाएगा।’’

ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने तेजस्वी द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा, ‘‘एक सप्ताह के भीतर जांच की जाएगी और अगर यह पाया जाता है कि मुझे किसी अधिकारी द्वारा गुमराह किया गया है तो उसे कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।’’

उन्होंने यह भी बताया कि अक्सर जॉब कार्ड धारक योजना में 100 दिनों की गारंटीकृत काम का लाभ नहीं उठा पाते हैं क्योंकि वे कहीं और काम करने लग जाते हैं ।

मंत्री ने कहा, ‘‘हमने सभी परिस्थितियों में आवेदकों को रोजगार प्रदान करने की पूरी कोशिश की है, तब भी जब कोविड महामारी ने आर्थिक गतिविधियों को रोक दिया था।’’

तेजस्वी ने हालांकि अपने प्रश्न को स्थगित किए जाने की मांग की लेकिन अध्यक्ष ने कहा कि वह मंत्री के एक सप्ताह के भीतर जवाब दिए जाने की बात को मान लें। इस पर तेजस्वी ने अपनी मांग पर अड़े रहे और मंत्री को चुनौती दी कि वह सदन की बैठक के बाद संबंधित अधिकारी को बुलाकर एक-साथ बैठककर सही आंकडे पेश करें।

उन्होंने अफसोस जताया कि स्थिति बताती है कि यह सरकार ‘‘भगवान भरोसे’’ चल रही है, नौकरशाह अब सदन में मंत्री को असत्य जवाब भेज दे रहे हैं।

भाषा अनवर

अर्पणा अमित

अमित

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments