नयी दिल्ली, 17 अप्रैल (भाषा) भारत ने शुक्रवार को कहा कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण के ढाका के अनुरोध पर न्यायिक और कानूनी प्रक्रियाओं के तहत विचार किया जा रहा है।
हसीना ने जुलाई-अगस्त 2024 में बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर हुए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान अपनी सरकार के पतन के बाद प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और भारत चली आई थीं। वह तब से भारत में रह रही हैं।
बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने अपनी हालिया दिल्ली यात्रा के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ बातचीत में हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठाया था।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपनी साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, “न्यायिक और आंतरिक कानूनी प्रक्रियाओं के तहत इस अनुरोध पर विचार किया जा रहा है। हम सभी हितधारकों के साथ इस मुद्दे पर रचनात्मक रूप से बातचीत जारी रखेंगे।”
बांग्लादेश में मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती अंतरिम सरकार ने भारत से हसीना के प्रत्यर्पण की मांग की थी। उसने पूर्व प्रधानमंत्री को छात्रों के नेतृत्व वाले विरोध-प्रदर्शनों को कुचलने में उनकी भूमिका के लिए “मानवता के खिलाफ अपराधों” का दोषी ठहराए जाने तथा मौत की सजा सुनाए जाने का हवाला दिया था।
बांग्लादेश की संसद में इस महीने पारित उस कानून के बारे में पूछे जाने पर, जो अंतरिम सरकार की ओर से हसीना नीत अवामी लीग पार्टी पर लगाए गए प्रतिबंध को कानूनी समर्थन प्रदान कर सकता है, जायसवाल ने सीधा जवाब नहीं दिया और कहा, “हम सभी घटनाक्रमों पर बहुत बारीकी से नजर रख रहे हैं।”
दोनों देशों के बीच समग्र संबंधों पर जायसवाल ने कहा कि नयी दिल्ली ढाका के साथ रचनात्मक रूप से जुड़ना चाहती है।
उन्होंने कहा, “मैं इस बात पर भी जोर देना चाहूंगा कि विदेश मंत्री ने ढाका में नयी सरकार के साथ रचनात्मक रूप से जुड़ने और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की भारत की इच्छा को दोहराया।”
भाषा पारुल अविनाश
अविनाश
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