गुवाहाटी, नौ फरवरी (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कांग्रेस नेता गौरव गोगोई से पाकिस्तान के रावलपिंडी जिले की उनकी यात्रा को लेकर ‘स्पष्टीकरण’ की सोमवार को मांग की और जोर देकर कहा कि उनके वीजा में ‘स्पष्ट रूप से केवल लाहौर, कराची और इस्लामाबाद की यात्रा की अनुमति थी।’
शर्मा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि पाकिस्तान के आव्रजन नियमों के तहत, वीजा द्वारा निर्धारित शहरों से बाहर यात्रा करना विशेष अनुमति के बिना प्रतिबंधित है।
उनकी यह टिप्पणी कांग्रेस सांसद की एक प्रेस वार्ता के बीच आई है। गोगोई ने कहा कि उन्होंने उचित अनुमति लेकर अपनी पत्नी के साथ पाकिस्तान के तक्षशिला का दौरा किया था।
शर्मा और गोगोई के बीच जुबानी जंग जारी है, जिसमें शर्मा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस नेता और उनके परिवार के पाकिस्तान से संबंध हैं।
गोगोई ने पत्रकारों को बताया कि उनकी पत्नी 2013 में काम के सिलसिले में पाकिस्तान गई थीं और वह उसी साल दिसंबर में पड़ोसी देश की 10 दिवसीय यात्रा पर उनके साथ गए थे।
जब प्रेस वार्ता चल ही रही थी तभी शर्मा ने दावा किया कि गोगोई ने एक ऐसा खुलासा किया जिसकी उन्हें पहले से जानकारी नहीं थी।
उन्होंने कहा, ‘तक्षशिला इस्लामाबाद में नहीं, बल्कि पंजाब के रावलपिंडी जिले में स्थित है। यह तथ्य एक गंभीर और अपरिहार्य प्रश्न खड़ा करता है। यदि उनके पाकिस्तान वीजा में स्पष्ट रूप से केवल लाहौर, कराची और इस्लामाबाद की यात्रा की अनुमति थी, तो उन्होंने तक्षशिला की यात्रा कैसे की, जो इस्लामाबाद राजधानी क्षेत्र से बाहर और रावलपिंडी जिले के भीतर स्थित है?’
शर्मा ने कहा, “तो सवाल सीधा, तथ्यात्मक और जायज़ है: रावलपिंडी जिले के लिए वीजा मंजूरी न होने के बावजूद किसने उन्हें तक्षशिला जाने में मदद की?’
उन्होंने कहा कि यह प्रश्न इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि पाकिस्तानी सेना का मुख्यालय भी रावलपिंडी में ही स्थित है।
शर्मा ने कहा ‘इन तथ्यों के लिए स्पष्ट और पारदर्शी स्पष्टीकरण की आवश्यकता है।”
भाषा नोमान नरेश
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