छत्रपति संभाजीनगर, 24 फरवरी (भाषा) नदी का जलस्तर कम होना अधिकतर लोगों के लिए सूखे की आशंका होती है लेकिन महाराष्ट्र के पैठण शहर के कई निवासियों के लिए गोदावरी का जलस्तर घटना नदी किनारे जाकर सोना ढूंढने का समय होता है।
छत्रपति संभाजीनगर जिले के इस पवित्र शहर में समीपवर्ती गांवों के लोग सोमवार को छलनी और जाल लेकर गोदावरी नदी के तट पर उमड़ पड़े और जलस्तर कम होने पर बहुमूल्य वस्तुओं की तलाश करने लगे।
गोदावरी नदी एक ऐसा स्थान है जहां शोक संतप्त परिजन अपने प्रियजनों का अंतिम संस्कार करते हैं। इस दौरान वे मृतक से संबंधित आभूषण, सिक्के एवं अन्य बहुमूल्य सामान नदी में प्रवाहित कर देते हैं।
कड़कती धूप के बावजूद बड़ी संख्या में लोग नदी किनारे एकत्र हुए और कमर तक के गहरे पानी में उतरे तथा ‘खजाने’ और कीमती सामानों की तलाश की। इन सामानों को वे नदी से मिले उपहार के रूप में देखते हैं।
पैठण पुलिस थाने के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसे ‘नियमित’ चलन बताया।
उन्होंने कहा, ‘जब भी नदी का जलस्तर गिरता है लोग छोटे जाल और छलनियां लेकर नदी में पहुंच जाते हैं। वे कीमती सामान की तलाश में नदी तल की गाद को छानते हैं।’
अधिकारी ने बताया कि जब लोगों को कुछ मिलता है तो उनका मानना होता है कि इस पवित्र नदी ने उन्हें कोई मूल्यवान वस्तु प्रदान की है।
भाषा प्रचेता माधव
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