ईटानगर, 29 मार्च (भाषा) ईटानगर की एक स्थानीय अदालत ने यहां सिविल सचिवालय की चारदीवारी पर बने एक भित्ति चित्र पर बांध रोधी नारे लिखकर उसे विरूपित करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए असम के एक भित्तिचित्र कलाकार और उसके साथी को मंगलवार को जमानत दे दी।
भित्तिचित्र कलाकार निलिम नायन महंत और कार्यकर्ता एवं वकील इबो मिली को जमानत देते हुए प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट तेनजिन मेथो ने उन्हें दीवार के उस हिस्से को फिर से पेंट करने का निर्देश दिया, जिसे विरूपित कर दिया गया था और साथ ही आदेश देने की तारीख के 10 दिनों के भीतर उसे पहले वाले रूप में लाने का निर्देश दिया।
उन्हें तीन-तीन हजार रुपये के मुचलके पर जमानत दी गयी।
असम के लखीमपुर जिले में कई संगठनों ने महंत को गिरफ्तार करने के लिए अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू का मंगलवार को पुतला जलाया। उन्होंने धमकी दी कि अगर भित्तिचित्र कलाकार को तत्काल रिहा नहीं किया गया तो पड़ोसी राज्य तक जाने वाली सभी सड़कों को अवरुद्ध कर दिया जाएगा।
महंत को आदिवासी समुदाय की कला एवं संस्कृति को दर्शाने वाले भित्तिचित्र पर ‘नो मोर डैम्स’ लिखकर उसे विरूपित करने के आरोप में रविवार रात को गिरफ्तार किया गया जबकि मिली को लोअर दिबांग वैली जिले में रोइंग से गिरफ्तार किया गया।
इस बीच, किसान संगठन कृषक मुक्ति संग्राम समिति और उससे संबद्ध संगठन सात्र मुक्ति संग्राम समिति ने मंगलवार को महंत की गिरफ्तारी के खिलाफ असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा के समीप लखीमपुर जिले के बंदरदेवा शहर में प्रदर्शन किया।
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