इटानगर, 23 अक्टूबर (भाषा) अरुणाचल प्रदेश में सियांग अपर बहुउद्देशीय परियोजना को लेकर शुक्रवार को पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई, जिसमें कम से कम चार महिलाएं घायल हो गईं। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि यह घटना सियांग जिले में गेकू के पास दिते-दिमे में हुई, जहां प्रस्तावित 11,200 मेगावाट की बिजली परियोजना के विरोध में 12 घंटे के बंद के दौरान करीब 150-200 प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के वाहनों में तोड़फोड़ और बैरिकेड को तोड़ने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों के पास दाव, लाठियां और गुलेल थीं तथा उन्होंने सुरक्षा कर्मियों पर पत्थर भी फेंके।
सियांग के पुलिस अधीक्षक कामदाम सिखोम ने कहा, “अपर सियांग जिले के गेकू और कोमकर क्षेत्रों के करीब 150 से 200 प्रदर्शनकारी बंद के समर्थन में सुबह करीब सात बजे सियांग के दिते-दिमे में एकत्र हुए। उन्होंने पुलिस के बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, पत्थर फेंके और निषेधाज्ञा का उल्लंघन किया।”
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कार्यकारी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
एक अन्य अधिकारी ने कहा, “भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। झड़प में चार महिलाएं घायल हो गईं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।”
प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि उनमें से कई लोग आंसू गैस के गोलों की चपेट में आ गए और उन्हें सांस लेने में परेशानी हो रही थी।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सियांग जिले के अन्य स्थानों पर बंद शांतिपूर्ण रहा।
सियांग अपर बहुउद्देशीय परियोजना के विरोध में बुलाए गए बंद से सियांग और अपर सियांग जिलों के साथ-साथ पूर्वी सियांग के कुछ हिस्सों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे तथा ज्यादातर लोग अपने घरों में ही रहे।
अपर सियांग के उपायुक्त अशोक ताजो ने कहा कि बंद शांतिपूर्ण तरीके से जारी है।
बंद का आह्वान आदि बाने केबांग यूनाइटेड, सियांग अपर बहुउद्देशीय परियोजना प्रभावित क्षेत्र युवा संघ, सियांग स्वदेशी किसान मंच की युवा शाखा और आदि गालो कल्याण सोसायटी ने संयुक्त रूप से किया था।
ये संगठन गिरफ्तार किए गए 10 कार्यकर्ताओं की रिहाई, निलंबित गांव बुराओं की बहाली, परियोजना से जुड़ी सभी पूर्व-व्यवहार्यता गतिविधियों को वापस लेने और क्षेत्र में तैनात अर्धसैनिक बलों तथा केंद्रीय बलों को हटाने की मांग कर रहे हैं।
अरुणाचल प्रदेश सरकार का कहना है कि प्रस्तावित परियोजना का मुख्य उद्देश्य सियांग नदी बेसिन में पानी का भंडारण और प्रबंधन करना है। यह परियोजना खास तौर पर सियांग नदी के ऊपरी हिस्से में चीन की प्रस्तावित विशाल बांध परियोजना को लेकर जताई जा रही चिंताओं के मद्देनजर बनाई जा रही है।
भाषा तान्या पवनेश
पवनेश
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