नयी दिल्ली, 23 अक्टूबर (भाषा) विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि जर्मनी में सरकारी देखरेख में रखी गई भारतीय बच्ची अरिहा शाह ने कुछ हिंदी शब्द बोलना शुरू कर दिया है और उसके माता-पिता उससे नियमित रूप से मिलने जा रहे हैं तथा भारत उसके कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने संवाददाता सम्मेलन के दौरान अरिहा के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘यह एक ऐसा मुद्दा है जिसे हम काफी अहमियत दे रहे हैं। बर्लिन में हमारा दूतावास अरिहा के लगातार संपर्क में है, और हमारे राजनयिक नियमित रूप से बच्ची से मिलने जा रहे हैं।’’
जायसवाल ने यह भी बताया कि इस मामले को लेकर भारत, जर्मन अधिकारियों के संपर्क में है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘जैसा कि मैंने आपको पहले बताया था, हमने उसके लिए हिंदी कक्षाओं की व्यवस्था की है ताकि वह हमारी संस्कृति को बेहतर ढंग से समझ सके। इसके अलावा, उसे मंदिरों में ले जाया जा रहा है और अन्य संस्कृतियों से भी अवगत कराया जा रहा है। उसने कुछ हिंदी शब्द बोलना भी शुरू कर दिया है। उसके माता-पिता भी नियमित रूप से उससे मिलने आते हैं। पिछली बार वे 13 अक्टूबर को आए थे। हम बच्ची के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।’’
जायसवाल से यह भी पूछा गया कि क्या केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, जो अभी जर्मनी के दौरे पर हैं, की जर्मन नेताओं के साथ हुई बैठकों में इस मुद्दे पर चर्चा हुई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हमारे वाणिज्य मंत्री, जो इस समय बर्लिन में हैं, उनकी वहां हुई बातचीत का पूरा विवरण अभी मेरे पास नहीं है, लेकिन जल्द ही मिल जाएगा। जैसे ही हमें यह जानकारी मिलेगी, हम आपके साथ साझा करेंगे।’’
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने उस समय पत्रकारों को बताया था कि अक्टूबर 2024 में तत्कालीन जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज की भारत यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री नरेनद्र मोदी और शोल्ज के बीच हुई बैठक में अरिहा का मामला उठाया गया था।
मिसरी ने यह भी बताया कि जर्मन चांसलर ने प्रधानमंत्री को भरोसा दिलाया कि वे इस मामले पर ‘‘बहुत करीब से नजर’’ रख रहे हैं।
वर्ष 2021 में जन्मी अरिहा को उसी साल सितंबर में ‘फोस्टर केयर’ में भेज दिया गया, जब उसे दुर्घटनावश चोट लग गई थी और मामूली शारीरिक दुर्व्यवहार के आरोप लगाये गए थे।
उसके माता-पिता, भावेश और धारा शाह, महाराष्ट्र के ठाणे जिले के मीरा भयंदर के रहने वाले हैं।
भाषा
सुभाष पवनेश
पवनेश
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