नयी दिल्ली, 13 मार्च (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को आगामी महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के लिए चुनी गईं कुछ मुक्केबाजों के पिछले प्रदर्शन पर भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) से जवाब मांगा।
अदालत तीन राष्ट्रीय चैंपियन मंजू रानी, शिक्षा नरवाल और पूनम पूनिया की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिनकी उम्मीदवारी खेल आयोजन के लिए खारिज कर दी गई है।
चैंपियनशिप का आयोजन 15 से 31 मार्च तक दिल्ली में होना है।
याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा कि 2018-2022 के दौरान उनका प्रदर्शन टूर्नामेंट के लिए चुनी गईं कुछ खिलाड़ियों से बेहतर रहा है, जिन्होंने शायद ही कोई पदक जीता हो।
न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने कहा कि अदालत चयन के गुण-दोष में नहीं पड़ना चाहती है। पीठ ने कहा कि कुछ खिलाड़ियों के प्रदर्शन में काफी अंतर है और इस मुद्दे पर निर्देश लेने के लिए बीएफआई के वकील को समय दिया।
याचिकाकर्ताओं के वकील ने इस बात पर जोर दिया कि खिलाड़ियों का चयन पूर्व के शानदार प्रदर्शन के आधार पर होना चाहिए और याचिकाकर्ताओं का चयन किया जाना चाहिए।
बीएफआई के वकील ने चयन की प्रक्रिया का बचाव किया और कहा कि चयनित लोगों के नाम पहले ही संबंधित अधिकारियों को भेजे जा चुके हैं।
मामले की अगली सुनवाई 14 मार्च को होगी।
भाषा जितेंद्र दिलीप
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