कोरापुट (ओडिशा), 29 अप्रैल (भाषा) ओडिशा के नबरंगपुर जिले में बुधवार को पुलिस हिरासत में एक व्यक्ति की मौत के बाद ग्रामीण उत्तेजित हो गये और उन्होंने विरोध प्रदर्शन करते हुए थाने पर पत्थर फेंके।
मृतक की पहचान पूर्णा कलार के रूप में हुई, जो डाबुगांव थानाक्षेत्र के आंचला गांव का निवासी था। उसे एक नाबालिग लड़की के कथित अपहरण के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। वह नबरंगपुर जिले के डाबुगांव थाने के शौचालय में मृत पाया गया।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि पूर्णा को सोमवार को पकड़ा गया और मंगलवार को उसे चिकित्सा परीक्षण के लिए ले जाया गया। अदालत में पेशी से ठीक पहले बुधवार सुबह डाबुगांव थाने के शौचालय में उसका शव मिला।
पुलिस का कहना है कि आरोपी ने शौचालय में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, जबकि परिवार वालों का दावा है कि पुलिसकर्मियों ने उसे पीट-पीटकर मार डाला।
हालांकि, प्रारंभिक जांच रिपोर्ट से पता चलता है कि उसने कथित तौर पर चादर से फाड़े गए कपड़े के एक टुकड़े को रोशनदान से बांधकर फांसी लगाई थी।
इस घटना के बाद पूर्णा के परिवार और ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। वे थाने के बाहर जमा हुए और सवाल उठाए कि पुलिस हिरासत में मौत कैसे हुई। उन्होंने न्याय की मांग करते हुए सड़क जाम भी की।
इस घटना से नाराज ग्रामीणों ने थाने के बाहर प्रदर्शन किया, उमरकोट-नबरंगपुर सड़क को अवरुद्ध कर दिया और थाने पर पत्थर फेंके। पुलिस ने बताया कि भीड़ के पथराव में एक होमगार्ड घायल हो गया।
नबरंगपुर और पापदहांडी थानों के वरिष्ठ अधिकारी स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए डाबुगांव थाने के आसपास पुलिस की दो प्लाटून (60 जवान) और अतिरिक्त अधिकारियों को तैनात किया।
शव को पोस्टमार्टम के लिए नबरंगपुर जिला मुख्यालय अस्पताल ले जाया गया है, जहां मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में पोस्टमार्टम किया जाएगा। पुलिस ने बताया कि अस्पताल में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
नबरंगपुर के पुलिस अधीक्षक मदकर संदीप संपत ने कहा कि मामले की गहन जांच की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि थाने के अंदर कथित आत्महत्या किन परिस्थितियों में हुई।
भाषा राजकुमार वैभव
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