बागलकोट (कर्नाटक), चार मार्च (भाषा) कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शनिवार को कहा कि वह अपर कृष्णा परियोजना को लेकर आंध्र प्रदेश की आपत्तियों पर चर्चा के लिए 17 मार्च को नयी दिल्ली में राज्य के सांसदों से मुलाकात करेंगे, जिसका मकसद हस्तक्षेप के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाना है।
शिवकुमार राज्य के जल संसाधन मंत्री भी हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री एच.के. पाटिल, एमबी पाटिल और बोसराजू भी उनके साथ राष्ट्रीय राजधानी जाएंगे तथा संसद सत्र के दौरान कर्नाटक भवन में सांसदों के साथ होने वाली बैठक में शामिल होंगे।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, “आंध्र प्रदेश ने अपर कृष्णा परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण पर आपत्ति जताते हुए केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। केंद्र ने हमसे इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा है। हमने अपने क्षेत्र की जमीन पर, न्यायाधिकरण के आदेश के अनुसार, बांध की ऊंचाई (अलमट्टी बांध) 519 मीटर से बढ़ाकर 524 मीटर करने के लिए परियोजना शुरू करने की तैयारी कर ली है, और हम पहले ही 26,000 करोड़ रुपये खर्च कर चुके हैं।”
शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक न्यायाधिकरण के 2010 के आदेश के अनुसार अपने हिस्से के पानी का उपयोग करने की तैयारी कर रहा है, लेकिन आंध्र प्रदेश ने इस परियोजना पर आपत्ति जताई है।
इसके अलावा, उन्होंने कहा कि तुंगभद्रा नदी पर प्रस्तावित जलाशय के लिए भी आंध्र प्रदेश कर्नाटक के साथ सहयोग नहीं कर रहा है।
उन्होंने कहा, “(तुंगभद्रा जलाशय) में गाद भरने के कारण हमें (कर्नाटक) 30 टीएमसी पानी का नुकसान हो रहा है।”
भाषा जोहेब नेत्रपाल
नेत्रपाल
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