अमरावती, 30 जनवरी (भाषा) आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर, मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और वाईएसआरसीपी सुप्रीमो वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर शुक्रवार को उन्हें श्रद्धांजलि दी।
नजीर ने कहा कि यह दिन राष्ट्रपिता और भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अपने प्राणों का बलिदान देने वाले सभी स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देने के लिए मनाया जाता है।
भारत महात्मा गांधी की पुण्यतिथि को शहीद दिवस के रूप में मनाता है ताकि राष्ट्र के अग्रणी नेता के जीवन और विरासत तथा शांति, न्याय और स्वतंत्रता के लिए उनके सर्वोच्च बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सके।
राज्यपाल ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘शहीद दिवस के अवसर पर मैं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी को विनम्र श्रद्धांजलि देता हूं तथा लोगों से स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों को याद करने और शांति एवं अहिंसा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनर्जीवित करने का आह्वान करता हूं।’’
उन्होंने उल्लेख किया कि गांधीजी ने असहयोग आंदोलन, भारत छोड़ो आंदोलन और नमक सत्याग्रह जैसे ऐतिहासिक आंदोलनों का नेतृत्व किया, जिससे लाखों लोग प्रेरित हुए और अहिंसक तरीके से विरोध कर अंग्रेजों को भारत छोड़ने के लिए मजबूर किया।
गांधी जी की 78वीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अहिंसा के मार्ग से लाखों लोगों को एकजुट किया और राष्ट्र को स्वतंत्रता की ओर अग्रसर किया।
नायडू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘सभी को दैनिक जीवन में सत्य, अहिंसा, शांति और सेवा की भावना को अपनाना चाहिए और स्वदेशी, महिला सशक्तिकरण, ग्राम स्वशासन एवं गरीबी उन्मूलन जैसे गांधीजी के आदर्शों को साकार करने के लिए ईमानदारी से काम करना चाहिए।’’
रेड्डी ने गांधी को एक ऐसे नेता के रूप में वर्णित किया, जो अपनी अंतिम सांस तक सत्य के मार्ग पर चले और अपने सिद्धांतों के माध्यम से पीढ़ियों को प्रेरित किया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘सत्य भले ही अस्थायी रूप से पराजित प्रतीत हो, लेकिन वह वास्तव में कभी हारता नहीं है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर मैं उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि देता हूं।’’
भाषा सुरभि मनीषा
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