राजामहेंद्रवरम (आंध्र प्रदेश), 24 फरवरी (भाषा) आंध्र प्रदेश सरकार ने मंगलवार को कहा कि राजमुंद्री में दूषित दूध के मामले में रक्त में यूरिया और सीरम क्रिएटिनिन का स्तर अधिक होने के कारण विषाक्त प्रभाव पड़ा, जिससे मौतें हुईं और लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
हाल ही में, पूर्वी गोदावरी जिले में कथित तौर पर दूषित दूध पीने से चार लोगों की मौत हो गई और कम से कम 15 को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘पूर्वी गोदावरी जिले में विषाक्त दूध से जुड़ी चार मौतों के मामले में चिकित्सकों ने रक्त यूरिया और सीरम क्रिएटिनिन के बढ़े हुए स्तर के कारण विषाक्त प्रभाव की पुष्टि की है।’’
प्रारंभिक जांच के अनुसार, प्रभावित व्यक्तियों में पाई गई अचानक गुर्दे (गुर्दे संबंधी) संबंधी जटिलताओं का प्राथमिक कारण दूध का सेवन पाया गया।
पूर्वी गोदावरी की जिलाधिकारी कीर्ति चेकुरी ने कहा कि नरसापुरम गांव में एक निजी डेयरी से 106 परिवारों को दूध की आपूर्ति की जा रही थी और आपूर्ति को तुरंत रोक दिया गया।
जिलाधिकारी के अनुसार, अस्पताल में भर्ती 15 लोगों में से सात खतरे से बाहर हैं, जबकि शेष वेंटिलेटर और डायलिसिस सपोर्ट पर हैं।
उन्होंने बताया कि जिला निगरानी अधिकारी, चिकित्सा विशेषज्ञों, सूक्ष्मजीवविज्ञानी और गुर्दा रोग विशेषज्ञों वाली त्वरित प्रतिक्रिया टीम का तुरंत गठन किया गया और उन्हें प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया गया।
चेकुरी ने बताया कि 14 फील्ड निगरानी टीम ने लगभग 680 घरों का दौरा किया और लगभग 960 परिवारों की जांच की, 110 परिवारों में 290 से अधिक व्यक्तियों की पहचान की गई और जांच के लिए रक्त के 315 नमूने एकत्र किए गए।
जिलाधिकारी के अनुसार, एकत्र किए गए रक्त के 315 नमूनों में से 313 सामान्य पाए गए, जबकि दो व्यक्तियों में यूरिया और क्रिएटिनिन का स्तर बढ़ा हुआ पाया गया।
इस बीच, पशुपालन विभाग (एएचडी) ने चार पशु चिकित्सकों की एक टीम गठित की और पशुओं के चारे और पानी के नमूनों के साथ-साथ दूध के 41 नमूने एकत्र किए, जिन्हें परीक्षण के लिए पशु चिकित्सा जैविक अनुसंधान संस्थान भेजा गया।
चेकुरी ने कहा, ‘‘सभी विभागों द्वारा समन्वित कार्रवाई किए जाने के कारण स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है।’’
इस बीच, पुलिस ने कहा कि एक विक्रेता के फ्रीजर से रासायनिक ‘कूलेंट’ के रिसाव के कारण चार लोगों की मौत का संदेह है। भंडारण इकाई और आपूर्ति किए गए दूध के नमूनों को विस्तृत वैज्ञानिक जांच के लिए विजयवाड़ा स्थित फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) भेजा गया है।
‘कूलेंट’ वह पदार्थ होता है जो किसी मशीन, इंजन, उपकरण या प्रणाली का तापमान कम रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
पूर्वी गोदावरी जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) डी. नरसिम्हा किशोर ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “दूध आरोपी के घर पर फ्रीजर में रखा गया था और हमें संदेह है कि उसमें संभवत: कूलेंट का रिसाव हुआ होगा। सभी आवश्यक नमूने एफएसएल को भेज दिए गए हैं।”
उन्होंने बताया कि विक्रेता अपने घर में दो कंटेनर वाले फ्रीजर में दूध रखता था। इसके अलावा वितरण के लिए भंडारण टैंकों से छह कैन भरे जाते थे। शहर के विभिन्न इलाकों में आपूर्ति से पहले कुछ कैन में ताजा दूध भी भरा जाता था।
पुलिस को संदेह है कि मिलावटी दूध वाली एक कैन से उन घरों में आपूर्ति की गई होगी, जहां मौतें हुईं।
आरोपी विक्रेता को हिरासत में ले लिया गया है और आपूर्ति से जुड़ी डेयरी इकाई को सील कर दिया गया है।
आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया है।
अधिकारी ने बताया कि फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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शोभना सुरेश
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