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Monday, 27 May, 2024
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अमृतपाल सिंह का करीबी सहयोगी पपलप्रीत होशियारपुर में ‘डेरा’ के सीसीटीवी फुटेज में दिखा

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चंडीगढ़, एक अप्रैल (भाषा) सोशल मीडिया पर आए एक ताजा सीसीटीवी फुटेज में अलगाववादी अमृतपाल सिंह के करीबी सहयोगी पपलप्रीत सिंह को कथित रूप से होशियारपुर के एक गांव के ‘डेरा’ में देखा जा सकता है। वहीं पुलिस पंजाब शनिवार को भी जिले में पपलप्रीत की तलाश में जुटी रही।

कहा जा रहा है कि उक्त सीसीटीवी फुटेज 29 मार्च का है। गौरतलब है कि इसके एक दिन पहले ही 28 मार्च को पंजाब पुलिस के खुफिया विभाग की एक टीम ने फगवाड़ा से एक इनोवा कार का पीछा किया था, उसे संदेह था कि अमृतपाल सिंह और उसका सहयोगी इस कार में हो सकते हैं।

जिस ‘डेरा’ का फुटेज सामने आया है वह होशियारपुर जिले के तनौली गांव में में स्थित है, जबकि पुलिस यहां से महज दो-तीन किलोमीटर दूर मरनाइयां गांव में दोनों को तलाश रही है।

सूत्रों का कहना है कि पपलप्रीत सिंह को बुधवार को सुबह डेरा के सीसीटीवी फुटेज में देखा गया। संदेह है कि पपलप्रीत और अमृतपाल पुलिस द्वारा पीछा किए जाने के दौरान एक-दूसरे से अलग हो गए हैं।

पपलप्रीत सिंह को अलगाववादी अमृतपाल सिंह का प्रमुख सलाहकार माना जाता है जो विभिन्न मुद्दों पर उसे सलाह देता रहा है।

पुलिस ने शुक्रवार को अमृतपाल की तलाश के क्रम में होशियारपुर जिले के ‘डेरा’ और ऐसे संभावित ठिकानों की तलाशी शुरू की। पुलिस संदिग्धों का पता लगाने के लिए ड्रोन का उपयोग कर रही है।

गौरतलब है कि ‘वारिस पंजाब दे’ के खिलाफ 18 मार्च को हुई पुलिस कार्रवाई के बाद से ही अमृतपाल फरार है। हालांकि, पिछले कुछ दिनों में वह भी दो वीडियो में नजर आया है और उसकी एक ऑडियो क्लिप भी सोशल मीडिया पर आयी है।

वीडियो में अलगाववादी को इस बात पर जोर देते हुए सुना जा सकता है कि वह भगोड़ा नहीं है और जल्दी ही सबके सामने आएगा।

ऑडियो क्लिप में उसने इन अफवाहों को खारिज किया है कि वह अपने समर्थन को लेकर बातचीत कर रहा है और उसने ‘अकाल तख्त’ से सिख समुदाय से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए ‘सरबत खालसा’ बुलाने को कहा।

अमृतपाल सिंह और उसके सहयोगी के होशियारपुर में होने की सूचना मिलने के बाद मंगलवार की रात से ही जिले में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

सूत्रों ने बताया कि इस अभियान पुलिस द्वारा फगावाड़ा से एक इनोवा एसयूवी का पीछा करने से शुरू हुआ, उन्हें संदेह था कि उस कार में अमृतपाल सिंह और उसके सहयोगी हो सकते हैं। हालांकि, इनोवा में सवार लोग वाहन को मरनाइयां गांव के गुरुद्वारा भाई चंचल सिंह के पास छोड़कर फरार हो गए।

ऐसा भी सूचना है कि संदिग्ध एसयूवी को वहां छोड़ने के बाद वे स्विफ्ट कार से आगे गए।

पुलिस को फगवाड़ा से एक और वाहन मिला है और उन्हें संदेह है कि इसका उपयोग अमृतपाल सिंह और पपलप्रीत सिंह ने किया होगा।

पंजाब पुलिस 18 मार्च को जालंधर में पुलिस कार्रवाई के दौरान अमृतपाल के फरार होने के बाद से ही हाई अलर्ट पर है।

भाषा अर्पणा माधव

माधव

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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