नयी दिल्ली, 16 अप्रैल (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार रियल एस्टेट कारोबारी अमित कात्याल को धार्मिक उद्देश्यों से गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र की यात्रा करने की बृहस्पतिवार को अनुमति दे दी, तथा जांच अधिकारी के समक्ष हर महीने हाजिरी लगाने की शर्त में भी ढील प्रदान कर दी।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शीतल चौधरी प्रधान ने कात्याल की दो याचिकाएं मंजूर कीं, जिनमें एक में दिसंबर 2024 में लगाई गई जमानत शर्तों में संशोधन का अनुरोध किया गया था और दूसरी में 17 से 26 अप्रैल के बीच यात्रा की अनुमति मांगी गई थी।
अदालत ने उन्हें गुजरात के द्वारकाधीश मंदिर, उदयपुर के श्रीनाथजी मंदिर और मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर जाने की अनुमति दे दी।
इसने कहा, “पेश की गई दलीलों को देखते हुए आरोपी को उपरोक्त स्थानों की यात्रा की अनुमति दी जाती है, बशर्ते वह यात्रा का विवरण, यात्रा का माध्यम, टिकट और ठहरने से संबंधित बुकिंग की जानकारी यात्रा से लौटने के एक सप्ताह के भीतर अदालत में प्रस्तुत करे और इसकी सूचना ईडी के जांच अधिकारी को भी दे।”
कात्याल ने हर महीने के चौथे सोमवार को जांच अधिकारी के समक्ष हाजिरी लगाने और दिल्ली से बाहर जाने से पहले अनुमति लेने की शर्त हटाने का यह कहते हुए अनुरोध किया कि उनके खिलाफ जांच पूरी हो चुकी है। उनके वकील ने दलील दी कि ईडी का कार्यालय गुरुग्राम स्थानांतरित हो चुका है, जिससे दोनों शर्तें परस्पर विरोधी हो जाती हैं, क्योंकि हाजिरी देने के लिए उन्हें दिल्ली से बाहर जाना पड़ेगा।
ईडी ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि यह मामला “गंभीर आर्थिक अपराधों” से जुड़ा है और जमानत शर्तों में ढील देने से कार्यवाही प्रभावित हो सकती है।
इसने अधिकार क्षेत्र को लेकर भी आपत्ति जताई और कहा कि अभियोजन शिकायत गुरुग्राम की एक अदालत में लंबित है।
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राखी नेत्रपाल
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