कोलकाता, 13 मार्च (भाषा) पश्चिम बंगाल सरकार ने शुक्रवार को दार्जिलिंग के जिलाधिकारी (डीएम) मनीष मिश्रा का तबादला कर उन्हें राज्य गृह विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनात किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की राज्य की हालिया यात्रा को लेकर विवाद के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा सिलीगुड़ी पुलिस आयुक्त सी. सुधाकर और मिश्रा की सेवाएं केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर लेने की चर्चा के बीच यह घटनाक्रम सामने आया है।
राज्य सरकार की एक अधिसूचना के अनुसार, पश्चिम बंगाल सिविल सेवा (डब्ल्यूबीसीएस) के वरिष्ठ अधिकारी सुनील अग्रवाल, जो वर्तमान में उत्तर बंगाल विकास विभाग में विशेष सचिव हैं, को दार्जिलिंग के जिलाधिकारी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
प्रशासनिक फेरबदल उन खबरों के कुछ घंटे बाद हुआ, जिनमें कहा गया था कि केंद्रीय गृह मंत्रालय राष्ट्रपति के पिछले हफ्ते उत्तर बंगाल दौरे को लेकर विवाद के संबंध में दोनों अधिकारियों की सेवाएं लेने पर विचार कर रहा है। दिलचस्प बात यह है कि राज्य सरकार की अधिसूचना की तारीख 12 मार्च की है।
सूत्रों के अनुसार, केंद्र ने इस मामले पर राज्य सरकार से राय मांगी है, हालांकि गृह मंत्रालय या राज्य सरकार ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
यह विवाद पिछले सप्ताह शनिवार को दार्जिलिंग जिले के बागडोगरा के पास आयोजित नौवें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में भाग लेने के लिए मुर्मू की यात्रा के दौरान शुरू हुआ।
पश्चिम बंगाल में उस समय राजनीतिक घमासान शुरू हो गया, जब मुर्मू ने उत्तरी बंगाल के आदिवासियों के बीच विकास की कमी का मुद्दा उठाया, जिस पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया दी, वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तृणमूल कांग्रेस पर राष्ट्रपति का अपमान करने का आरोप लगाया। राष्ट्रपति ने कार्यक्रम स्थल में अंतिम समय में किए गए बदलाव पर भी असंतोष व्यक्त किया था।
नए घटनाक्रम ने 2020 में केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच हुए इसी तरह के टकराव की यादें ताजा कर दी हैं, जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के दक्षिण 24 परगना दौरे के दौरान उनके काफिले पर हुए हमले के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के तीन अधिकारियों की सेवाएं मांगी थीं।
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार ने उस समय अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था, जिससे केंद्र और राज्य के बीच लंबा गतिरोध पैदा हो गया।
भाषा आशीष दिलीप
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