कोच्चि, दो अगस्त (भाषा) केरल के एर्णाकुलम जिले में करीब 160 किलोमीटर लंबी जलधाराओं में प्रशासन के प्रयासों की बदौलत फिर से पानी प्राकृतिक रूप से बहने लगा है। प्रदूषकों और पर्यावरणीय कारणों से ये सूख गई थीं।
अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2019 में प्रशासन द्वारा शुरू की गई एक महत्वाकांक्षी योजना के हिस्से के रूप में ऐसी धाराओं को पुनर्जीवित किया गया है, जो बाढ़ के पानी के साथ आई गाद और वर्षों से इसमें फेंके गए कचरे से लगभग भरी हुई थीं।
उन्होंने बताया कि ‘एनी नजन ओझुकट्टे’ (मुझे बहने दो) अभियान के तहत अब तक कुल 1,100 किलोमीटर की धाराओं, नदियों और छोटी नदियों को पुनर्जीवित किया गया है।
एर्णाकुलम जिला प्रशासन की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ‘‘ केवल इस वर्ष ही हमने जिले के 76 स्थानीय स्वशासी निकायों में 159.4 किलोमीटर धाराओं को पुनर्जीवित किया। उनमें जमे कचरे और कीचड़ को हटाया गया है, ताकि पानी उसमें प्राकृतिक रूप से बह सके।’’
दिसंबर 2019 में शुरू हुई इस परियोजना के तहत अप्रैल 2020 तक 45 स्थानीय स्व-सरकारी निकायों के तहत 54 किलोमीटर लंबी धाराओं को पुनर्जीवित किया गया। वहीं, 2020-21 में सामान्य जल प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए 914 जलाशयों को साफ किया गया।
भाषा निहारिका धीरज
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