कोलकाता, 22 मार्च (भाषा) तृणमूल कांग्रेस ने रविवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के गृह नगर भवानीपुर में एक संगठनात्मक बैठक आयोजित की, जहां पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में इस सीट पर बनर्जी की 60,000 से अधिक वोटों से जीत सुनिश्चित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया।
यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि लंबे समय से ममता बनर्जी का राजनीतिक गढ़ माना जाने वाला भवानीपुर आगामी चुनाव में एक हाई-प्रोफाइल मुकाबले का गवाह बनने वाला है, जहां भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख के खिलाफ विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी को मैदान में उतारा है।
तृणमूल कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, चेतला के अहिंद्रा मंच में एक बंद कमरे में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक ने बूथ स्तर के नेताओं और पार्टी पदाधिकारियों से कहा कि भवानीपुर को कोलकाता में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले निर्वाचन क्षेत्र के रूप में उभरना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘कोलकाता में भवानीपुर को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। ममता बनर्जी को 60,000 से अधिक वोटों से जीतना होगा।
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को आगाह किया कि इस निर्वाचन क्षेत्र को पार्टी का गढ़ माने जाने के बावजूद वे आत्मसंतुष्ट न हों।
स्थानीय पार्षदों, बूथ कार्यकर्ताओं और संगठनात्मक नेताओं की उपस्थिति में हुई यह बैठक, विधानसभा चुनावों से पहले भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र में बूथ स्तर पर पार्टी की कार्यप्रणाली को मजबूत करने के पार्टी के प्रयासों का हिस्सा थी।
उपस्थित लोगों में तृणमूल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी, कोलकाता के महापौर फिरहाद हकीम, दक्षिण कोलकाता जिला अध्यक्ष देबाशीष कुमार और क्षेत्र के पार्षद शामिल थे।
अभिषेक बनर्जी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि भवानीपुर में 287 मतदान केंद्र हैं और उनसे पार्टी के पिछले प्रदर्शन को बेहतर करने को कहा।
उन्होंने कहा, ‘‘जब ममता बनर्जी ने पहले यहां चुनाव लड़ा था, तब हमने 231 बूथों पर जीत हासिल की थी। इस बार हमें उस आंकड़े को पार करना होगा और कम से कम 232 बूथों पर जीत सुनिश्चित करनी होगी।’’
तृणमूल कांग्रेस सांसद ने बूथ अध्यक्षों से अपने-अपने मतदान क्षेत्रों के ‘‘सतर्क संरक्षक’’ के रूप में कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि स्थानीय समितियों के भीतर आंतरिक मतभेदों का संगठनात्मक प्रयासों पर प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।
ममता बनर्जी ने भी सभा को संबोधित करते हुए चुनाव प्रक्रिया के दौरान हुए हालिया प्रशासनिक परिवर्तनों पर चिंता व्यक्त की और केंद्र पर राज्य के कामकाज में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया।
ममता ने कार्यकर्ताओं से कहा, ‘‘पिछले तीन दिनों में 50 अधिकारियों को हटाया जा चुका है। अगर कुछ भी होता है, तो नरेन्द्र मोदी और ज्ञानेश कुमार को इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी।’’
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का भी जिक्र किया और कहा कि पार्टी समस्या का सामना करने वाले मतदाताओं को कानूनी सहायता प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘कल एक पूरक सूची प्रकाशित की जाएगी। यदि किसी का नाम सूची से हटा दिया जाता है या उन्हें कोई कठिनाई होती है, तो हम कानूनी सहायता प्रदान करेंगे।’’
भाषा शफीक रंजन
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