नयी दिल्ली, 21 फरवरी (भाषा) दिल्ली भाजपा ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं और पार्षदों पर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) अधिकारियों को स्वच्छता, अतिक्रमण और परिवर्तन शुल्क पर नोटिस जारी करने के लिए ‘मजबूर’ कर व्यापारियों को ‘परेशान’ करने का आरोप लगाया।
अपने ऊपर लगे आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए ‘आप’ ने कहा कि यह सभी जानते हैं कि एमसीडी सीधे उपराज्यपाल के माध्यम से केंद्र सरकार द्वारा शासित है।
आप ने कहा गया है कि जल्द ही एमसीडी का एक महापौर होगा और आप सरकार सत्ता संभालेगी जिसके बाद भाजपा का यह ‘उत्पीड़न’ खत्म हो जाएगा।
अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) ने दिसंबर में कुल 250 एमसीडी वार्डों में से 134 पर जीत हासिल कर नगर निगम चुनाव जीता था।
दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने आरोप लगाया कि एमसीडी चुनाव में बहुमत हासिल करने के बाद आप व्यापारियों को ‘परेशान’ कर रही है।
कपूर ने कहा, “आम आदमी पार्टी द्वारा एमसीडी चुनाव में बहुतम हासिल किए जाने के बाद अब इसके नेता और पार्षद एमसीडी के कार्यालयों में अधिकारियों को साफ-सफाई, दुकानों के रख-रखाव, दुकान के बोर्ड का आकार, परिवर्तन शुल्क, अतिक्रमण या मरम्मत को लेकर व्यापारियों को नोटिस जारी करने के लिए मजबूर कर रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि पिछले डेढ़ महीने में इस तरह के हजारों नोटिस जारी किए गए हैं।
कपूर ने कहा कि इसकी शुरुआत सदर बाजार से हुई जहां सालों से लंबित एक मामले के फिर से खुलने के बाद करीब 30 दुकानों को सील कर दिया गया। यह ‘आप’ के एमसीडी चुनाव जीतने के बाद हुआ।
उन्होंने कहा कि शास्त्री नगर में अतिक्रमण हटाने के लिए सोमवार को अभियान चलाया गया। स्थानीय भाजपा पार्षद और कार्यकारी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के हस्तक्षेप के बाद इसे रोका गया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी (भाजपा) व्यापारियों को ‘परेशान’ करने के आप के कदमों को चुनौती देगी।
भाषा जितेंद्र पवनेश
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