नई दिल्ली: पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की सहारनपुर शाखा से रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) को भेजी जाने वाली रकम में 4.36 लाख रुपये कम मिले. इसके बाद बैंक की अंदरूनी जांच हुई, जिसमें 7.4 करोड़ रुपये की नकली करेंसी मिली. पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी.
यह मामला पहली बार 10 अगस्त को सामने आया. उस दिन आरबीआई को भेजी जाने वाली रकम में 4.36 लाख रुपये की कमी मिली थी. सहारनपुर के SSP अभिनंदन ने दिप्रिंट को बताया, “अंदरूनी ऑडिट में बैंक के कैश चेस्ट में बड़ी मात्रा में नकली करेंसी मिली. इसके बाद बैंक अधिकारियों ने शिकायत दर्ज कराई.”
सोमवार को सदर थाने में एफआईआर दर्ज की गई. इसमें नकली नोट बनाने और उससे जुड़े आर्थिक अपराध से संबंधित BNS की धाराएं लगाई गई हैं. इसके बाद मामले की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) बनाई गई.
उन्होंने बताया, “PNB के नोडल अधिकारी अरुण कुमार चौबे की शिकायत मिलने के बाद एफआईआर दर्ज की गई. शिकायत में उन्होंने रवि कुमार, डिविजनल मैनेजर और करेंसी चेस्ट मैनेजर सुशील शर्मा और अमित कुमार के नाम दिए हैं.”
इस बीच, एक हाउसकीपर विशाल कुमार के खिलाफ अलग से शिकायत दर्ज की गई है. अधिकारी ने बताया, “बैंक में नकदी की एक अलग कमी के मामले में कुमार का नाम शिकायत में दर्ज किया गया है. शिकायतकर्ता ने कुछ सबूत भी दिए हैं और मामले की आगे जांच की जा रही है.”
एसएसपी ने दिप्रिंट को बताया कि एसआईटी मामले पर करीब से नजर रख रही है और फिलहाल नोटों की गिनती अभी जारी है. अधिकारी ने कहा, “टीम अब बैंक के लेनदेन के रिकॉर्ड और ऑडिट के रिकॉर्ड की जांच कर रही है.” उन्होंने आगे बताया कि कैश चेस्ट की निगरानी के लिए लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी हासिल कर ली गई है. इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि करेंसी को कैसे बदला गया और इस बेहद सुरक्षित जगह तक किस-किस की पहुंच थी.
अधिकारी ने कहा, “टीम यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं और नकली करेंसी कितने समय तक बैंक में बिना पकड़े रही.”
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