बर्दवान, 26 अगस्त (भाषा)पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गरीबों के सामाजिक कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए मंगलवार को कहा कि 2011 में सत्ता में आने के बाद से उनकी सरकार ने राज्य में मकान बनाने के लिए 2.26 लाख पट्टे (भूमि के दस्तावेज) दिए हैं।
उन्होंने कहा कि इससे सालों पर किसी भूखंड पर रह रहे व्यक्ति को उसपर उसका स्वामित्व सुनिश्चित हुआ।
बनर्जी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के शासन के दौरान राज्य के 76 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों और शहर के 78 प्रतिशत क्षेत्रों में जलापूर्ति सुनिश्चित की गई तथा शेष क्षेत्रों को भी यह सुविधा पहुंचाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने पूर्व बर्दवान जिले में भूमि पट्टे वितरण करने के लिए आयोजित सरकारी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हम अपने वादों को पूरा करने में विश्वास रखते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘वर्ष 2011 में सरकार बनाने के बाद, हमने राज्य में मकान के लिए 2.26 लाख पट्टे, 1.80 लाख कृषि भूमि पट्टे और 47,000 से ज़्यादा वन पट्टे वितरित किए हैं। अकेले पूर्वी बर्दवान में 28,840 पट्टे, 832 शरणार्थी पट्टे और 1,443 वन पट्टे वितरित किए गए हैं। आने वाले दिनों में हम 24,000 और पट्टे वितरित करेंगे। यहां कई परियोजनाएं चल रही हैं।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार सभी कच्चे मकानों को पक्के मकानों में बदल देगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र ने मनरेगा, ग्राम सड़क योजना और बांग्लार बाड़ी आवास कार्यक्रम जैसी विभिन्न योजनाओं के लिए धनराशि रोक दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘इसके बावजूद, हमने 47 लाख घर बनाए हैं। 12 लाख घरों को स्थायी ढांचे में उन्नत करने के लिए हमने पहले ही धनराशि उपलब्ध करा दी है। शेष 16 लाख घरों को पहली किस्त दिसंबर में और दूसरी किस्त जून में मिलेगी।’’
उन्होंने विवादास्पद अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण के बारे में कहा, ‘‘हमने सामान्य कोटे में कटौती नहीं की है। इसके लिए एक अलग कोष है ताकि सामान्य श्रेणी के छात्रों को कोई परेशानी न हो।’’
भाषा धीरज नरेश
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